वाराणसी: दीपावली से पहले उत्तर प्रदेश में बिजली बिलों की गड़बड़ी को लेकर कांग्रेस नेता और उत्तर प्रदेश किसान कांग्रेस के पूर्व प्रदेश प्रवक्ता/उपाध्यक्ष संजय चौबे ने सरकार और विद्युत विभाग पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि स्मार्ट मीटर, प्रीपेड मीटर और सौर ऊर्जा प्रणाली लागू होने के बाद से उपभोक्ताओं के बिलों में भारी अनियमितता देखी जा रही है, जिससे जनता परेशान है।
चौबे ने वाराणसी के कचहरी स्थित शाही दरबार में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान कहा कि स्मार्ट मीटरों की रीडिंग तेज चल रही है और विभाग जानबूझकर इस गड़बड़ी को छिपा रहा है। उन्होंने बताया कि 26 जुलाई 2025 को उन्होंने PUVVNL के एमडी और UPPCL के चेयरमैन को मेल भेजकर शिकायत की थी कि उनके घर लगाए गए स्मार्ट मीटर की रीडिंग चेक मीटर से 24 दिनों में 0.7 यूनिट अधिक चल रही है। वहीं, HPL कंपनी के इलेक्ट्रॉनिक मीटर की तुलना में स्मार्ट मीटर 9 यूनिट तेज भाग रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि जब उन्होंने विभाग से लिखित स्पष्टीकरण मांगा, तो अधिकारी लिखित जवाब देने से बचते रहे। चौबे ने कहा कि UPPCL की वेबसाइट पर स्मार्ट मीटर बनाम चेक मीटर के परिणाम दर्ज नहीं किए गए हैं, जिससे यह स्पष्ट होता है कि विभाग पारदर्शिता से बच रहा है।
चौबे ने आंकड़े साझा करते हुए बताया कि 19 जुलाई 2025 तक प्रदेश में 2.69 करोड़ स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं, जिनमें से 1.39 लाख उपभोक्ताओं ने चेक मीटर लगवाए हैं। उन्होंने कहा कि अगर यह डेटा सार्वजनिक किया जाए, तो “बिजली विभाग की पोल खुल जाएगी।”
उन्होंने बताया कि केवल 1912 हेल्पलाइन पर ही 40,895 उपभोक्ताओं ने शिकायत दर्ज कराई है, जबकि ऑफलाइन शिकायतों की संख्या इससे कई गुना अधिक हो सकती है।
सौर योजना पर सवाल
चौबे ने प्रधानमंत्री सौर्य घर योजना की भी खामियों को उजागर करते हुए कहा कि “70% बिल घटाने का वादा” झूठा साबित हो रहा है। उन्होंने बताया कि कई उपभोक्ता शिकायत कर रहे हैं कि सोलर सिस्टम लगाने के बाद भी बिजली बिल कम होने के बजाय बढ़ गया है।
एक उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि एक उपभोक्ता के सोलर सिस्टम ने अगस्त में 333 यूनिट बिजली पैदा की, लेकिन बिल में केवल 168 यूनिट ही माइनस किए गए। उन्होंने कहा कि विभाग यह दावा करता है कि पहले घर में सोलर बिजली उपयोग होती है और बची हुई बिजली एक्सपोर्ट होती है — जो तकनीकी रूप से गलत है।
चौबे ने विभाग से पूछा कि ,“प्रधानमंत्री सौर्य योजना के तहत अब तक कितने किलोवॉट के सोलर लगाए गए हैं? कितनी यूनिट बिजली उत्पन्न हुई है? और उपभोक्ताओं के बिलों में कितनी वास्तविक कमी आई है?”
प्रीपेड मीटर पर भी उठे सवाल
उन्होंने कहा कि विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 47(5) के तहत उपभोक्ताओं को प्रीपेड या पोस्टपेड मीटर चुनने का अधिकार है, लेकिन सरकार और UPPCL मनमाने तरीके से उपभोक्ताओं के पोस्टपेड मीटर को प्रीपेड में बदल रही है।
चौबे ने आरोप लगाया कि UPERC (उत्तर प्रदेश विद्युत विनियामक आयोग) की अनुमति के बिना यह फैसला लिया गया है। जब उन्होंने UPERC से बात की, तो अधिकारियों ने किसी भी आदेश या दिशा-निर्देश से इनकार कर दिया।
आंदोलन की चेतावनी
संजय चौबे ने चेतावनी दी कि अगर सरकार ने जल्द ही स्मार्ट मीटर और प्रीपेड सिस्टम वापस नहीं लिया, तथा सौर योजना में सुधार नहीं किया, तो कांग्रेस कार्यकर्ता जनता के साथ मिलकर गांधीवादी तरीके से आंदोलन करने को बाध्य होंगे।
प्रेस वार्ता में उनके साथ कांग्रेस प्रदेश महासचिव देवेंद्र कुमार चौधरी, हाजी ओकश अंसारी (पार्षद), जागृति राही और अनूप श्रमिक समेत कई नेता मौजूद रहे।










