नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने दिल्ली में हुए आतंकी हमले की कड़ी निंदा करते हुए पीड़ितों के प्रति संवेदना प्रकट की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में इस घटना को “जघन्य आतंकी हमला” करार देते हुए एक प्रस्ताव पारित किया गया।
सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि मंत्रिमंडल ने इस हमले के दोषियों को जल्द से जल्द न्याय के कठघरे में लाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा, देश विरोधी ताकतों ने 10 नवंबर को लाल किले के पास एक कार में ब्लास्ट किया। यह एक गंभीर आतंकी वारदात है। सरकार ने इसकी तुरंत और पेशेवर जांच के आदेश दिए हैं, ताकि इसमें शामिल गुनहगारों और उनके सहयोगियों की पहचान कर उन्हें सजा दी जा सके।
मंत्री ने यह भी कहा कि भारत आतंकवाद के सभी रूपों और अभिव्यक्तियों के प्रति ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर दृढ़ता से कायम है।
इससे पहले लाल किले के पास हुए विस्फोट पर चर्चा के लिए प्रधानमंत्री आवास पर कैबिनेट कमिटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) की अहम बैठक बुलाई गई। इस बैठक में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह, और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल सहित शीर्ष सुरक्षा अधिकारी शामिल हुए।
बैठक में सुरक्षा एजेंसियों की रिपोर्ट पर चर्चा की गई और आगे की रणनीति तय की गई। सरकार ने साफ संकेत दिया है कि देश की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।










