दिल्ली में लाल किले के पास हुए भीषण कार ब्लास्ट मामले में जांच एजेंसियों को बड़ा सुराग हाथ लगा है। गिरफ्तार आरोपी मुजम्मिल शकील गनई ने विस्फोटक बनाने के लिए आमतौर पर घरों में इस्तेमाल होने वाली आटा चक्की और कुछ इलेक्ट्रिकल मशीनों का इस्तेमाल किया था। जांच आगे बढ़ने के साथ पुलिस ने हरियाणा के फरीदाबाद में एक टैक्सी ड्राइवर के घर से यह सभी उपकरण बरामद कर लिए हैं।
फरीदाबाद के किराए के कमरे में तैयार हो रहा था विस्फोटक
जम्मू-कश्मीर के पुलवामा का रहने वाला गनई फरीदाबाद में किराए पर लिए गए एक कमरे में यूरिया को आटा चक्की में पीसकर बारीक पाउडर बनाता था। इसके बाद इलेक्ट्रिकल मशीन की मदद से उसे रिफाइन कर अमोनियम नाइट्रेट को अलग करता था।
पुलिस ने 9 नवंबर को इसी किराए के कमरे से 360 किलो अमोनियम नाइट्रेट और अन्य विस्फोटक सामग्री बरामद की थी। पूछताछ में गनई ने स्वीकार किया कि वह लंबे समय से इसी तकनीक से विस्फोटक तैयार कर रहा था। खास बात यह है कि वह फरीदाबाद की अल-फलाह यूनिवर्सिटी में डॉक्टर भी था।
टैक्सी ड्राइवर भी हिरासत में, NIA कर रही पूछताछ
NIA ने उस टैक्सी ड्राइवर को भी हिरासत में लिया है, जिसके घर से चक्की और मशीनें मिली हैं। ड्राइवर ने बताया कि चार साल पहले उसकी मुलाकात गनई से तब हुई थी, जब वह अपने बेटे का इलाज कराने अल-फलाह मेडिकल कॉलेज गया था। इसी पहचान का फायदा उठाकर गनई ने उसके घर में उपकरण रखवाए थे।
लाल किले के पास कार ब्लास्ट: 15 की मौत
दिल्ली के लाल किले के पास हुंडई i20 में हुए आत्मघाती हमले में 15 लोगों की मौत हो गई थी। कार चला रहा आतंकी उमर उन नबी भी धमाके में मारा गया था। वह भी कश्मीर का रहने वाला था और डॉक्टर होने के साथ अल-फलाह यूनिवर्सिटी से जुड़ा था।
कश्मीर पुलिस पहले ही उजागर कर चुकी थी आतंकी मॉड्यूल
दिल्ली ब्लास्ट से कुछ घंटों पहले ही जम्मू-कश्मीर पुलिस ने एक बड़े आतंकी मॉड्यूल का पर्दाफाश किया था। यह मॉड्यूल पाकिस्तान स्थित जैश-ए-मोहम्मद और अल-कायदा से जुड़े अंसार गज़वत-उल-हिंद से संचालित हो रहा था। इस कार्रवाई में पुलिस ने 2,900 किलो विस्फोटक सामग्री बरामद की थी, जिसमें अमोनियम नाइट्रेट भी शामिल था। जांच एजेंसियों का मानना है कि यही विस्फोटक सामग्री दिल्ली ब्लास्ट में इस्तेमाल हुई।










