सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला- SIR प्रक्रिया में BLO पर बोझ कम करने के लिए राज्यों को अतिरिक्त स्टाफ की तैनाती के आदेश

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision—SIR) प्रक्रिया के दौरान बूथ लेवल ऑफिसर्स (BLO) पर बढ़ते कार्यभार को गंभीरता से लेते हुए राज्यों को सख्त निर्देश जारी किए हैं। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि BLO पर अनावश्यक काम का दबाव डालना स्वीकार्य नहीं है और उनकी सुरक्षा, स्वास्थ्य तथा कार्य स्थितियों को ध्यान में रखते हुए तुरंत अतिरिक्त कर्मचारियों की तैनाती की जानी चाहिए।

यह निर्देश चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने जारी किए, जिसमें कहा गया कि SIR से जुड़े कार्यों के लिए राज्यों की जिम्मेदारी है कि वे पर्याप्त स्टाफ उपलब्ध कराएं, ताकि एक ही कर्मचारी पर अत्यधिक बोझ न पड़े।

वैध कारणों पर मिलेगी छूट

सुप्रीम कोर्ट ने आगे कहा कि यदि कोई BLO गंभीर बीमारी, पारिवारिक दायित्वों या अन्य मजबूरियों के कारण ड्यूटी से छूट चाहता है, तो राज्य सरकार और संबंधित अधिकारी उनके आवेदन पर मेरिट के आधार पर विचार करें। अदालत ने कहा कि किसी भी कर्मचारी को उसकी क्षमता से अधिक कार्य देकर मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित नहीं किया जा सकता।

याचिका पर सुनवाई के दौरान आया आदेश

यह निर्णय अभिनेता से नेता बने विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान आया। पार्टी ने चुनाव आयोग द्वारा उन BLO पर जन प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 32 के तहत की जा रही आपराधिक कार्रवाई को चुनौती दी थी, जो अत्यधिक कार्यभार के कारण अपनी ड्यूटी समय पर पूरी नहीं कर पा रहे थे।

सुप्रीम कोर्ट ने मामले पर विचार करते हुए देशभर में BLO को राहत प्रदान की और राज्यों को चेताया कि भविष्य में ऐसे महत्वपूर्ण कार्यों के दौरान कार्यबल की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

News Rastra
Author: News Rastra

Leave a Comment

और पढ़ें