लोकसभा में मंगलवार को चुनाव सुधार पर हुई चर्चा के दौरान कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली, SIR प्रक्रिया और सत्ता पक्ष की भूमिका पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि लोकतंत्र को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है।
चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल
राहुल गांधी ने कहा कि चुनाव आयोग सत्ता पक्ष के इशारों पर काम कर रहा है। उन्होंने दावा किया कि स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) के दौरान बड़ी संख्या में डुप्लिकेट वोटर्स मिले, लेकिन आयोग के पास इनका कोई जवाब नहीं है। राहुल ने कहा, “वोट चोरी से बड़ा कोई एंटी-नेशनल काम नहीं हो सकता।”
उन्होंने आगे कहा कि देश का लोकतंत्र एक बुनावट की तरह है, जहाँ हर धागा बराबर है, लेकिन इस बुनावट को कमजोर किया जा रहा है।
हरियाणा चुनाव में धांधली का आरोप
राहुल गांधी ने अपने भाषण में कहा कि हरियाणा में चुनाव “चोरी” किया गया। उन्होंने ब्राजील के एक उदाहरण का जिक्र करते हुए कहा कि वहाँ एक महिला का नाम 200 बार वोटर लिस्ट में दर्ज था—यही स्थिति भारत में भी SIR प्रक्रिया के दौरान देखने को मिली।
चुनाव आयुक्त चुनने के नियम बदले गए
राहुल गांधी के मुताबिक, चुनाव आयुक्त नियुक्ति प्रक्रिया में बदलाव कर बीजेपी ने चुनाव आयोग पर कब्जा कर लिया है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब पहले CJI चयन समिति में शामिल होते थे, तो अब क्यों नहीं? उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग का इस्तेमाल लोकतंत्र खत्म करने के लिए किया जा रहा है।
आरएसएस पर तीखा हमला
राहुल गांधी ने अपने भाषण में आरएसएस को भी निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि गांधीजी की हत्या के बाद से ही आरएसएस का उद्देश्य संवैधानिक संस्थाओं पर कब्जा करना रहा है। विश्वविद्यालयों से लेकर अन्य संस्थानों में नियुक्तियां योग्यता नहीं, बल्कि संगठनात्मक जुड़ाव के आधार पर की जा रही हैं।
राहुल गांधी के इस बयान ने सदन में सियासी तापमान बढ़ा दिया और चुनाव आयोग से लेकर सरकारी संस्थानों की निष्पक्षता पर बड़ी बहस छेड़ दी।










