वाराणसी पुलिस की बड़ी कार्रवाई: शुभम जायसवाल के करीबी के गोदाम से 60 लाख की 3 हजार कफ सिरप की शीशियां बरामद

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

वाराणसी। पूर्वांचल में फैले कफ सिरप सिंडिकेट पर पुलिस और एसआईटी की कार्रवाई तेज हो गई है। मंगलवार शाम वाराणसी पुलिस को बड़ी सफलता मिली, जब कफ सिरप माफिया शुभम जायसवाल के करीबी और बिजनेस पार्टनर मनोेज कुमार यादव के गोदाम पर छापेमारी की गई। सूजाबाद स्थित यह गोदाम लंबे समय से बंद था, लेकिन अंदर लाखों रुपये की नशीली कफ सीरप छुपाकर रखी गई थी। पुलिस ने सभी कार्टन बरामद कर परिसर को सील कर दिया।

गोदाम से 30 हजार शीशियां बरामद

SIT द्वारा की गई इस बड़ी कार्रवाई में लगभग 30 हजार शीशी नशीली कफ सीरप जब्त की गई, जिसकी बाजार कीमत करीब 60 लाख रुपये बताई जा रही है। शराब की तर्ज पर नशे के लिए इस्तेमाल होने वाले इस सिरप को पुराने कमरे में ढककर छिपाया गया था ताकि किसी को भनक न लगे।

छापेमारी के दौरान टीम को आजाद जायसवाल की एक गाड़ी भी मिली, जो इस पूरे नेटवर्क के सीधे तौर पर शुभम जायसवाल से जुड़े होने का स्पष्ट सबूत माना जा रहा है।

शुभम के खास मनोज यादव का गोदाम

सूत्रों के अनुसार, जिस गोदाम में कफ सीरप छिपाई गई थी, वह शुभम जायसवाल के बेहद करीबी मनोज कुमार यादव का है। SIT ने पूरे परिसर को घेरकर अंदर रखे स्टॉक को कब्जे में लिया। यह कार्रवाई 19 नवंबर को रोहनिया क्षेत्र में पकड़े गए 2 करोड़ रुपये के कफ सिरप रैकेट से सीधे तौर पर जुड़ी है।

19 नवंबर को आजाद जायसवाल के गोदाम से भारी मात्रा में सीरप बरामद हुई थी, जिसके बाद उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। अब सूजाबाद में हुई बरामदगी ने इस नेटवर्क के और बड़े खुलासे की संभावना बढ़ा दी है।

SIT ने पकड़े शुभम जायसवाल के दो साथी

इस बीच वाराणसी कमिश्नरेट की SIT ने शुभम जायसवाल के दो और करीबी सहयोगियों — विशाल जायसवाल और बादल आर्य — को भी गिरफ्तार किया है। दोनों ने पूछताछ में स्वीकार किया कि उन्होंने फर्जी दवा लाइसेंस बनवाकर हजारों बोतल कफ सिरप बांग्लादेश तक सप्लाई की।

उन्होंने बताया, हर खेप पर उन्हें 25–30 हजार रुपये मिलते थे, हर बोतल पर 1 रुपये कमीशन मिलता था। कमाई का पैसा शैली ट्रेडर्स के खाते में ट्रांसफर किया जाता था। SIT अब शुभम जायसवाल से जुड़े एक चार्टर्ड अकाउंटेंट से भी पूछताछ कर रही है, ताकि इस पूरे वित्तीय नेटवर्क को समझा जा सके।

छापे के दौरान डीसीपी क्राइम टी. सरवण, एसीपी कोतवाली और दो थानों की संयुक्त पुलिस टीम मौजूद रही। टी. सरवण ने बताया पूरे कफ सिरप सिंडीकेट की कड़ियों को खंगाला जा रहा है ताकि सप्लाई चेन को पूरी तरह से तोड़ा जा सके। वाराणसी और पूर्वांचल में फैला यह रैकेट अब पुलिस के निशाने पर है, और छापेमारी से मिले नए सबूतों के बाद कई और गिरफ्तारियां संभव हैं।

News Rastra
Author: News Rastra

Leave a Comment

और पढ़ें