वाराणसी की ऐतिहासिक दालमंडी गली के चौड़ीकरण का काम एक बार फिर रफ्तार पकड़ने जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश के बाद जिला प्रशासन और पीडब्ल्यूडी विभाग मिशन मोड में इस परियोजना को आगे बढ़ा रहे हैं। नवंबर में कुछ मकानों के ध्वस्तीकरण के बाद कार्रवाई अस्थायी रूप से रोक दी गई थी, लेकिन अब 5 जनवरी के बाद दोबारा ध्वस्तीकरण शुरू करने की तैयारी है।
पीडब्ल्यूडी विभाग ने चौक थाने में 186 चिह्नित मकानों की रजिस्ट्री से जुड़ा कैंप लगा रखा है। अब तक 40 मकान मालिक अपनी रजिस्ट्री करवा चुके हैं, जबकि 6 मकानों को पूरी तरह ध्वस्त किया जा चुका है।
रजिस्ट्री कराने वालों को एक हफ्ते में मकान खाली करने की अपील
ध्वस्तीकरण से पहले पीडब्ल्यूडी विभाग ने दालमंडी इलाके में मुनादी करवाई है। इसमें उन मकान मालिकों से आग्रह किया गया है, जिन्होंने रजिस्ट्री करवा ली है और मुआवजा प्राप्त कर लिया है, वे एक सप्ताह के भीतर अपने मकान खाली कर दें।
पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता केके सिंह ने बताया कि सभी संबंधित विभागों के साथ बैठक के बाद 5 जनवरी से दोबारा ध्वस्तीकरण की कार्ययोजना बनाई जा रही है। इसके लिए पुलिस और नगर निगम के अधिकारियों से भी समन्वय किया गया है।
186 मकान चिह्नित, मिशन मोड में काम
दालमंडी चौड़ीकरण परियोजना के तहत कुल 186 मकान और दुकानों को चिह्नित किया गया है। इनमें से 40 की रजिस्ट्री पूरी हो चुकी है और 6 मकानों को गिराया जा चुका है। अधिकारियों का कहना है कि जिन मकानों की रजिस्ट्री अभी बाकी है, उनसे जल्द प्रक्रिया पूरी करने को कहा गया है।
क्या है दालमंडी चौड़ीकरण परियोजना?
दालमंडी गली को एक मॉडल सड़क के रूप में विकसित किया जाना है। इस परियोजना का शिलान्यास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने 51वें काशी दौरे के दौरान किया था। इसके लिए राज्य सरकार ने 215.88 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की है, जिसमें से लगभग 191 करोड़ रुपये मकान और दुकान मालिकों को मुआवजे के रूप में दिए जाएंगे।
60 फुट चौड़ी बनेगी नई सड़क
पीडब्ल्यूडी अधिकारियों के मुताबिक चौक थाने से लगभग 650 मीटर लंबी दालमंडी गली को 60 फुट चौड़ा किया जाएगा। इसमें 30 फुट की मुख्य सड़क और दोनों ओर 15-15 फुट की पटरी होगी। बिजली, पानी और सीवर की सभी सुविधाएं अंडरग्राउंड होंगी, जिससे इलाके में तारों का जंजाल खत्म होगा।
चौड़ीकरण के बाद बदलेगी दालमंडी की तस्वीर
चौड़ीकरण के बाद दालमंडी बाजार में आवाजाही आसान होगी और व्यापारियों को भी बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। विभाग का दावा है कि इस परियोजना के पूरा होने के बाद दालमंडी न सिर्फ ट्रैफिक के लिहाज से सुगम होगी, बल्कि बाजार की रौनक भी पहले से ज्यादा बढ़ेगी।










