पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर को बड़ी राहत, जिला जज की अदालत से मिली जमानत

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

वाराणसी। इंटरनेट मीडिया पर कथित रूप से भ्रामक और गलत सूचना प्रसारित करने के मामले में आजाद सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर को शुक्रवार को बड़ी राहत मिली। जिला जज संजीव शुक्ला की अदालत ने उनकी जमानत याचिका स्वीकार कर ली।

सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अनुज यादव ने अदालत में दलील दी कि अमिताभ ठाकुर के खिलाफ राजनीतिक द्वेष और शासन-प्रशासन के दबाव में मुकदमा दर्ज कराया गया है। उन्होंने कहा कि अमिताभ ठाकुर एक पूर्व आईपीएस अधिकारी हैं, जिन्हें प्रदेश सरकार की नीतियों और भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने के कारण सेवा से बर्खास्त किया गया था।

बचाव पक्ष ने यह भी बताया कि अमिताभ ठाकुर अपने सामाजिक संगठन के माध्यम से लगातार कानून-विरोधी गतिविधियों और सरकारी अधिकारियों व नेताओं से जुड़े भ्रष्टाचार के मामलों को सामने लाते रहे हैं। उनके एक्स (पूर्व ट्विटर) अकाउंट पर किया गया पोस्ट किसी व्यक्ति की मान-प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाने के उद्देश्य से नहीं था, बल्कि एक जागरूक नागरिक और सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में विधिसम्मत जांच की मांग करते हुए सम्मानजनक भाषा में किया गया था।

वहीं अभियोजन पक्ष और वादी के अधिवक्ता ने जमानत का विरोध करते हुए कहा कि अमिताभ ठाकुर के खिलाफ पहले से कई आपराधिक मामले दर्ज हैं और उनकी हिस्ट्रीशीट भी तैयार की गई है। हालांकि, दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने अमिताभ ठाकुर को जमानत देने का आदेश दिया।

गौरतलब है कि वाराणसी निवासी हिंदू वाहिनी के नेता एवं वाराणसी विकास प्राधिकरण के मानद सदस्य अंबरीश सिंह भोला ने 9 दिसंबर को चौक थाने में अमिताभ ठाकुर, उनकी पत्नी डॉ. नूतन ठाकुर और एक अन्य व्यक्ति के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। आरोप लगाया गया था कि 30 नवंबर को अमिताभ ठाकुर ने अपने एक्स अकाउंट पर एक वीडियो पोस्ट कर कफ सिरप मामले में बिना ठोस साक्ष्य के भ्रामक आरोप लगाए थे।

News Rastra
Author: News Rastra

Leave a Comment

और पढ़ें