प्रयागराज। महाकुंभ 2025 के दौरान सुर्खियों में आईं हर्षा रिछारिया ने अब धर्म के मार्ग को छोड़ने का ऐलान कर दिया है। सोमवार को जारी एक भावुक वीडियो संदेश में उन्होंने कहा कि महाकुंभ से शुरू हुई उनकी यह यात्रा अब मौनी अमावस्या के बाद समाप्त हो जाएगी और वह दोबारा अपने पुराने प्रोफेशन में लौटेंगी।
हर्षा रिछारिया इन दिनों प्रयागराज माघ मेले में हैं और इस बार अपने भाई दीपक के साथ वहां पहुंची हैं। वीडियो में उन्होंने साफ कहा कि पिछले एक साल में उन्हें जिस तरह के विरोध, आरोप और मानसिक दबाव का सामना करना पड़ा, उससे वह पूरी तरह टूट चुकी हैं।
‘मुझे बार-बार रोका गया, मनोबल तोड़ा गया’
हर्षा ने कहा कि उन्होंने धर्म के रास्ते पर चलने की ईमानदार कोशिश की, लेकिन हर कदम पर उन्हें विरोध झेलना पड़ा। उन्होंने कहा, मैंने न चोरी की, न कोई अनैतिक काम किया, न किसी के साथ अन्याय। फिर भी जब-जब मैंने धर्म के मार्ग पर आगे बढ़ने की कोशिश की, मुझे रोका गया और मेरा मनोबल तोड़ा गया।”
‘लोगों ने समझा मैं करोड़ों कमा रही हूं, हकीकत उलटी है’
उन्होंने यह भी कहा कि लोगों को लगा कि वह धर्म को धंधा बनाकर पैसा कमा रही हैं, जबकि सच्चाई यह है कि वह आज कर्ज में डूबी हुई हैं। हर्षा ने बताया कि धर्म से जुड़ने से पहले वह एंकरिंग और मॉडलिंग के क्षेत्र में काम कर रही थीं, विदेशों में भी प्रोजेक्ट्स कर रही थीं और अपने काम से खुश थीं।
‘आज मेरे साथ कोई खड़ा नहीं है’
हर्षा ने कहा कि माघ मेले में भी उन्हें विरोध झेलना पड़ा, जिससे वह बेहद हताश हो गईं।
उन्होंने कहा,
“सबसे दुखद बात यह है कि आज मेरे साथ कोई खड़ा नहीं है। हमारे देश में किसी लड़की के चरित्र पर सवाल उठाना बहुत आसान है।”
मौनी अमावस्या के बाद खत्म होगा संकल्प
हर्षा ने ऐलान किया कि मौनी अमावस्या पर स्नान के साथ ही वह धर्म के मार्ग पर चलने के अपने संकल्प को पूर्ण विराम देंगी। इसके बाद वह फिर से अपने पुराने प्रोफेशन में लौटेंगी, जहां उन्हें न विरोध झेलना पड़ेगा और न चरित्र पर सवाल।
उन्होंने युवाओं और महिलाओं को सलाह देते हुए कहा कि धर्म से जुड़ना है तो अपने परिवार और घर के मंदिर तक ही सीमित रहें, किसी के पीछे आंख बंद कर न चलें।
कौन हैं हर्षा रिछारिया
हर्षा रिछारिया प्रयागराज महाकुंभ में निरंजनी अखाड़े की पेशवाई के दौरान रथ पर बैठने के बाद चर्चा में आई थीं। उनके साध्वी रूप को लेकर संत समाज के एक वर्ग ने आपत्ति जताई थी, जिसके बाद विवाद बढ़ गया और उन्होंने बीच में ही महाकुंभ छोड़ दिया था।
पेशे से मॉडल और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर हर्षा उत्तर प्रदेश के झांसी मूल की हैं। उनका परिवार मध्य प्रदेश के भोपाल में रहता है। वह आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरि महाराज की शिष्या रही हैं।










