लखनऊ। उत्तर प्रदेश में शुक्रवार को सुरक्षा व्यवस्था की परख के लिए एक अहम राज्यस्तरीय मॉक ड्रिल आयोजित की जा रही है। इस दौरान शाम ठीक 6 बजे से 6:10 बजे तक प्रदेश के सभी 75 जिलों में 10 मिनट का ब्लैकआउट रहेगा। तय समय पर बिजली आपूर्ति बंद कर दी जाएगी और सायरन बजाकर अभ्यास किया जाएगा। प्रशासन ने साफ किया है कि यह कोई वास्तविक आपात स्थिति नहीं, बल्कि सुरक्षा तैयारियों का अभ्यास है।
आपात हालात से निपटने की तैयारी का अभ्यास
यह मॉक ड्रिल युद्ध, हवाई हमला, आतंकी घटना या प्राकृतिक आपदा जैसी परिस्थितियों से निपटने की तैयारियों को परखने के उद्देश्य से की जा रही है। नागरिक सुरक्षा विभाग के नेतृत्व में हो रहे इस अभ्यास में पुलिस, सिविल डिफेंस, फायर ब्रिगेड, स्वास्थ्य विभाग, एसडीआरएफ और एनडीआरएफ जैसी सभी प्रमुख एजेंसियां शामिल रहेंगी। इसका मकसद आपात स्थिति में आपसी समन्वय और त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता को जांचना है।
सायरन बजते ही शुरू होगा ब्लैकआउट
शाम 6 बजे जैसे ही सायरन बजेंगे, पूरे प्रदेश में ब्लैकआउट लागू हो जाएगा। सायरन हाई और लो टोन में बजेंगे, जो हवाई हमले की चेतावनी के संकेत माने जाते हैं। 10 मिनट बाद स्थिति सामान्य कर दी जाएगी।
लखनऊ में होगा मुख्य कार्यक्रम
राजधानी लखनऊ में मॉक ड्रिल का मुख्य आयोजन पुलिस लाइंस में किया जाएगा। यहां मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहेंगे। कार्यक्रम के दौरान राहत और बचाव कार्य, घायलों को अस्पताल पहुंचाने की प्रक्रिया और पुलिस की त्वरित कार्रवाई का अभ्यास किया जाएगा। अन्य जिलों में भी स्थानीय स्तर पर अलग-अलग परिदृश्यों पर ड्रिल होगी।
उत्तर प्रदेश दिवस और नेताजी जयंती पर आयोजन
यह अभ्यास उत्तर प्रदेश दिवस और नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती के अवसर पर आयोजित किया गया है। सरकार का मानना है कि इस तरह की मॉक ड्रिल से सिस्टम की कमियां सामने आती हैं, जिन्हें समय रहते सुधारकर भविष्य में जान-माल के नुकसान को कम किया जा सकता है।
जनता से अपील
प्रशासन ने आम लोगों से सहयोग की अपील की है। ब्लैकआउट के दौरान घबराएं नहीं, यह सिर्फ अभ्यास है। घरों की लाइटें बंद रखें, अनावश्यक रूप से बाहर न निकलें, अफवाहों से बचें और शांति बनाए रखें।










