बीजेपी विधायक ने अपनी ही सरकार के मंत्री का काफिला रोका, अखिलेश यादव का तंज- ‘ये तो सिर्फ नमूना है’

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महोबा। उत्तर प्रदेश के महोबा जिले में शुक्रवार को उस वक्त सियासी भूचाल आ गया, जब बीजेपी विधायक बृजभूषण राजपूत ने अपनी ही सरकार के कैबिनेट मंत्री स्वतंत्र देव सिंह का काफिला बीच सड़क पर रोक दिया। इस घटना ने प्रदेश की राजनीति में हलचल मचा दी है। विपक्ष को सरकार पर हमला बोलने का मौका मिल गया है।

इस पूरे मामले पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने तीखा तंज कसते हुए कहा कि यह घटना केवल एक उदाहरण है, असली हालात इससे कहीं ज्यादा खराब हैं।

अखिलेश यादव का बीजेपी पर हमला

अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए लिखा कि बीजेपी के ‘डबल इंजन’ ही नहीं, अब तो डिब्बे भी आपस में टकरा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी के मंत्री और विधायक जनता और विकास से ज्यादा पैसे कमाने और जमीन कब्जाने में जुटे हैं। सपा प्रमुख ने कहा कि अपनी ही पार्टी के मंत्री को बंधक बनाना इस बात का संकेत है कि बीजेपी के विधायक आने वाले चुनाव में हार से घबराए हुए हैं। उन्होंने दावा किया कि यह सिर्फ महोबा की घटना नहीं, बल्कि हर विधानसभा क्षेत्र में हालात ऐसे ही हैं और बीजेपी को आगे प्रत्याशी तक नहीं मिलेंगे।

क्या है पूरा मामला

दरअसल, यूपी के जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह महोबा जिले में सरकारी योजनाओं की समीक्षा और कार्यक्रमों में शामिल होने पहुंचे थे। एक कार्यक्रम के बाद जब वह दूसरे कार्यक्रम के लिए रवाना हो रहे थे, तभी चरखारी से बीजेपी विधायक बृजभूषण राजपूत ने करीब 50 ग्राम प्रधानों और सैकड़ों समर्थकों के साथ हाईवे पर उनका काफिला रोक दिया। अचानक हुए इस विरोध से पुलिस और प्रशासन में अफरा-तफरी मच गई।

सड़कों की बदहाली को लेकर नाराज विधायक

विधायक बृजभूषण राजपूत का आरोप है कि उनके विधानसभा क्षेत्र के करीब 100 गांवों में जल जीवन मिशन के तहत पाइपलाइन बिछाने के नाम पर सड़कें खोद दी गईं, लेकिन महीनों बाद भी उनकी मरम्मत नहीं कराई गई। उन्होंने कहा कि इस समस्या को लेकर वह कई बार अधिकारियों से शिकायत कर चुके हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही, जिससे ग्रामीणों में भारी आक्रोश है।

मंत्री खुद उतरे सड़क पर

स्थिति बिगड़ती देख एसडीएम और सीओ ने विधायक को समझाने की कोशिश की, लेकिन समर्थकों का गुस्सा शांत नहीं हुआ। हालात तनावपूर्ण हो गए और धक्का-मुक्की तक की नौबत आ गई। इसके बाद कैबिनेट मंत्री स्वतंत्र देव सिंह खुद अपनी गाड़ी से उतरे और पैदल विधायक तक पहुंचे। मंत्री ने नाराज विधायक को अपनी गाड़ी में बैठाया और सीधे कलेक्ट्रेट ले गए।

कलेक्ट्रेट में आपात बैठक, 20 दिन का अल्टीमेटम

कलेक्ट्रेट में एडीएम नमामि गंगे, डीएम, एसपी समेत अन्य अधिकारियों के साथ करीब एक घंटे तक बंद कमरे में बैठक हुई। बैठक के बाद मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने 20 दिनों के भीतर खुदी हुई सड़कों को ठीक कराने का आश्वासन दिया। हालांकि बैठक के बाद भी तल्खी कम होती नजर नहीं आई। मंत्री बिना मीडिया से बात किए वहां से रवाना हो गए, जबकि विधायक बृजभूषण राजपूत ने चेतावनी दी कि यदि काम समय पर नहीं हुआ तो वे और कड़ा कदम उठाने से पीछे नहीं हटेंगे।

इस घटना ने न सिर्फ बीजेपी के भीतर की कलह को उजागर कर दिया है, बल्कि प्रदेश की राजनीति में भी नई बहस छेड़ दी है।

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Author: News Rastra

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