संविधान संवाद रैली में कांग्रेस का मोदी-योगी पर तीखा हमला, बोले पवन खेड़ा- काशी और मां गंगा को धोखा…

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वाराणसी। काशी में रविवार को आयोजित कांग्रेस की संविधान संवाद रैली में केंद्र और राज्य सरकार के खिलाफ तीखे राजनीतिक तेवर देखने को मिले। रैली के दौरान कांग्रेस नेताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को निशाने पर लेते हुए काशी, मां गंगा और सनातन परंपराओं से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया।

कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता पवन खेड़ा ने मंच से कहा कि पिछले कई महीनों से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर जो “संकट के बादल” छाए हैं, उनकी जड़ें काशी से जुड़ी हैं। उन्होंने मणिकर्णिका घाट और गंगा में बहती लाशों का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय मां गंगा के आंसू बह रहे थे, लेकिन प्रधानमंत्री को वह पीड़ा दिखाई नहीं दी। पवन खेड़ा ने आरोप लगाया कि जिसने काशी और मां गंगा को धोखा दिया, वह आम जनता के हितों की रक्षा कैसे करेगा।

रैली में राष्ट्रीय प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने भी केंद्र और राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि जब प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री काशी में मूर्तियां तुड़वाते हैं, तो उनका खून खौल उठता है। काशी को एक जीवंत सभ्यता बताते हुए उन्होंने कहा कि 2024 के लोकसभा चुनाव परिणामों के दौरान नरेंद्र मोदी की हार के रुझान देखकर उन्हें संतोष हुआ था। इसके लिए उन्होंने काशी की जनता का आभार भी जताया।

वहीं सांसद इमरान मसूद ने प्रधानमंत्री की सुरक्षा को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि अगर संसद के भीतर ही प्रधानमंत्री की जान को खतरा है, तो नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए उन्हें इस्तीफा देना चाहिए। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जब प्रधानमंत्री खुद सुरक्षित नहीं हैं, तो देश की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित होगी।

रैली में सांसद किशोरी लाल, यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय सहित पार्टी के 20 से अधिक वरिष्ठ नेता और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे। मंच पर नेताओं ने एक-दूसरे का हाथ थामकर एकजुटता का संदेश दिया। कार्यकर्ताओं ने राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे, प्रियंका गांधी, सोनिया गांधी और कांग्रेस पार्टी के समर्थन में जमकर नारेबाजी की।

कार्यक्रम के दौरान करीब 15 मिनट की एक डॉक्यूमेंट्री फिल्म भी दिखाई गई, जिसमें बनारस के विकास कार्यों पर सवाल उठाए गए। फिल्म में आरोप लगाया गया कि विकास के नाम पर सनातन विरासत और परंपराओं से खिलवाड़ किया जा रहा है। साथ ही शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के प्रयागराज में कथित अपमान और काशी से जुड़े ज्वलंत मुद्दों को भी रैली के माध्यम से उठाया गया।

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Author: News Rastra

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