वाराणसी। हॉकी के गढ़ के रूप में पहचानी जाने वाली काशी के लिए बड़ी खुशखबरी है। उदय प्रताप कॉलेज (यूपी कॉलेज) परिसर में बने सिंथेटिक हॉकी एस्ट्रोटर्फ को इंटरनेशनल हॉकी फेडरेशन (FIH) ने अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता का प्रमाण पत्र प्रदान कर दिया है। इसके साथ ही अब इस मैदान पर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के मैच, टूर्नामेंट और अभ्यास आयोजित किए जा सकेंगे।
योगी सरकार के निर्देश पर लगभग 8.37 करोड़ रुपये की लागत से तैयार यह एस्ट्रोटर्फ वाराणसी का तीसरा सिंथेटिक हॉकी मैदान है। इससे पहले डॉ. भीमराव अंबेडकर स्टेडियम, बड़ा लालपुर और बीएचयू में एस्ट्रोटर्फ की सुविधा उपलब्ध है। यूपी कॉलेज में बने इस नए मैदान से शहर के खिलाड़ियों की लंबे समय से चली आ रही मांग पूरी हो गई है।
स्मार्ट सिटी के मुख्य महाप्रबंधक अमरेंद्र तिवारी ने बताया कि इंटरनेशनल हॉकी फेडरेशन द्वारा किए गए परीक्षण में यह एस्ट्रोटर्फ एफआईएच श्रेणी-2 की सभी आवश्यकताओं पर खरा उतरा है। जल्द ही इसे संबंधित विभाग को हैंडओवर कर दिया जाएगा। मैदान में स्प्रिंकलर सिस्टम, दर्शकों के लिए पवेलियन, रात में मैचों के लिए हाईमास्ट लाइट्स और खिलाड़ियों के लिए चेंजिंग रूम जैसी आधुनिक सुविधाएं मौजूद हैं। निर्माण एजेंसी अगले तीन वर्षों तक इसके संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी संभालेगी।
पूर्व अंतरराष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी प्रवीण कुमार सिंह ने कहा कि योगी सरकार खेलों को लेकर बेहद संवेदनशील है। खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं देने के साथ ही सरकार उन्हें सरकारी नौकरियों के माध्यम से प्रोत्साहित भी कर रही है। उन्होंने कहा कि वाराणसी में हॉकी की जड़ें काफी गहरी रही हैं और अंतरराष्ट्रीय मानक का एस्ट्रोटर्फ बनने से नए खिलाड़ियों को अभ्यास के लिए बेहतर मंच मिलेगा।
ओलंपियन ललित उपाध्याय ने कहा कि योगी सरकार खेलों को बढ़ावा देने के साथ खिलाड़ियों का मनोबल भी बढ़ा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा दी गई इस सौगात के लिए खिलाड़ियों की ओर से आभार व्यक्त किया गया है। वहीं, क्षेत्रीय क्रीड़ाधिकारी विमला ने बताया कि यूपी कॉलेज में एस्ट्रोटर्फ शुरू होने से खिलाड़ियों को अभ्यास और टूर्नामेंट के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर का मैदान उपलब्ध होगा, जिससे वाराणसी की हॉकी प्रतिभाओं को नई उड़ान मिलेगी।
कुल मिलाकर, यूपी कॉलेज का यह एस्ट्रोटर्फ न सिर्फ स्थानीय खिलाड़ियों के भविष्य को मजबूत करेगा, बल्कि वाराणसी को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय हॉकी मानचित्र पर और सशक्त रूप से स्थापित करने में अहम भूमिका निभाएगा।










