वाराणसी। शहर के सबसे व्यस्त इलाकों में शामिल दालमंडी में सड़क चौड़ीकरण को लेकर प्रशासन ने सोमवार को बड़ी कार्रवाई शुरू की। नगर निगम द्वारा जर्जर घोषित किए गए मकानों पर एक ही दिन में बुलडोजर चलाया गया। इस दौरान 21 मकानों को ध्वस्त किया जा रहा है, जिसे दालमंडी क्षेत्र की अब तक की सबसे बड़ी एकदिवसीय कार्रवाई माना जा रहा है।
कार्रवाई शुरू होते ही इलाके में तनाव का माहौल बन गया। स्थानीय दुकानदारों और मकान मालिकों ने प्रशासन के खिलाफ जमकर नाराजगी जताई। प्रभावित लोगों ने 10 दिन की अतिरिक्त मोहलत देने की मांग की, लेकिन अधिकारियों ने किसी भी तरह की राहत देने से इनकार कर दिया। इसी बीच हालात उस वक्त और बिगड़ गए, जब मकान संख्या सीके 40/71 के मालिक ने पेट्रोल डालकर खुद को आग लगाने की कोशिश की और आत्मदाह की धमकी देने लगा।
“रोजी-रोटी छीन ली, हमारा कसूर क्या?”—दुकानदारों का दर्द
बुलडोजर कार्रवाई के दौरान कई दुकानदार भावुक हो गए और फूट-फूटकर रोते नजर आए। उनका कहना था कि वर्षों से चली आ रही उनकी दुकानों और मकानों को बिना पर्याप्त समय और पुनर्वास की ठोस व्यवस्था के तोड़ा जा रहा है। दुकानदारों ने आरोप लगाया कि सड़क चौड़ीकरण के नाम पर उनकी रोजी-रोटी छीनी जा रही है और प्रशासन उनके भविष्य को लेकर कोई स्पष्ट जवाब नहीं दे रहा।
भारी पुलिस बल की तैनाती, ड्रोन से निगरानी
स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने दालमंडी इलाके को पूरी तरह छावनी में तब्दील कर दिया है। मौके पर चार थानों की पुलिस फोर्स तैनात की गई है। करीब 500 पुलिसकर्मी, जिनमें महिला पुलिस भी शामिल हैं, सुरक्षा व्यवस्था संभाल रहे हैं। पूरे क्षेत्र की निगरानी ड्रोन कैमरों से की जा रही है। किसी भी तरह के विरोध या अव्यवस्था को रोकने के लिए दालमंडी आने-जाने वाले सभी रास्तों पर बैरिकेडिंग कर दी गई है।
आत्मदाह की धमकी से मचा हड़कंप
ध्वस्तीकरण के दौरान अचानक मकान मालिक द्वारा पेट्रोल छिड़ककर आत्मदाह की कोशिश से मौके पर अफरा-तफरी मच गई। भारी पुलिस बल की मौजूदगी के बावजूद वह अपने घर के भीतर घुस गया और प्रशासन को चुनौती देने लगा। मौके पर मौजूद अधिकारियों और स्थानीय लोगों ने काफी मशक्कत के बाद उसे समझाने का प्रयास किया।
23 मकान घोषित हैं जर्जर
नगर निगम के मुताबिक, दालमंडी क्षेत्र में कुल 23 मकानों को जर्जर घोषित किया गया है। इनमें से अधिकतर भवन 100 साल से ज्यादा पुराने बताए जा रहे हैं। इन मकानों को लेकर 31 जनवरी 2026 को नोटिस जारी किया गया था और तीन दिन के भीतर खाली करने का निर्देश दिया गया था। निगम का कहना है कि इन भवनों में रहना जानलेवा साबित हो सकता है।
क्या बोले अधिकारी
एसीपी दशाश्वमेध डॉ. अतुल अंजान ने बताया कि दालमंडी में सड़क चौड़ीकरण के तहत लगातार ध्वस्तीकरण की कार्रवाई चल रही है। सोमवार की कार्रवाई अब तक की सबसे बड़ी है। उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस पूरी तरह मुस्तैद है और क्षेत्र में आवागमन अस्थायी रूप से रोका गया है।
पहले भी चल चुका है बुलडोजर
गौरतलब है कि इससे पहले 21 जनवरी को भी दालमंडी में एक साथ 8 मकानों को ध्वस्त किया गया था। प्रशासन का कहना है कि यह पूरी कार्रवाई जनहित और लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखकर की जा रही है, जबकि प्रभावित लोग इसे जबरन उजाड़ने की कार्रवाई बता रहे हैं।










