नई दिल्ली। दिल्ली से लेह जा रही स्पाइसजेट की फ्लाइट SG-121 को शनिवार सुबह तकनीकी खराबी के कारण बीच उड़ान से वापस दिल्ली लाना पड़ा। उड़ान के दौरान इंजन में समस्या की सूचना मिलते ही पायलट ने तुरंत एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) को जानकारी दी और सुरक्षा के मद्देनजर विमान लौटाने का निर्णय लिया।
सुबह करीब 6:35 बजे फ्लाइट के लिए फुल इमरजेंसी घोषित की गई। इसके बाद विमान को दिल्ली एयरपोर्ट के रनवे 28 पर सुबह लगभग 6:45 बजे सुरक्षित उतारा गया।
155 लोग थे सवार
एयरलाइन के अनुसार, यह विमान बोइंग 737 था, जिसमें कुल 155 यात्री और क्रू मेंबर सवार थे। लैंडिंग के दौरान एयरपोर्ट पर फायर ब्रिगेड, एंबुलेंस और मेडिकल टीम को अलर्ट पर रखा गया था। सभी जरूरी सुरक्षा इंतजाम पहले से कर लिए गए थे।
सुरक्षित लैंडिंग के बाद सभी यात्रियों को विमान से बाहर निकाला गया। किसी के घायल होने की सूचना नहीं है। SpiceJet ने बताया कि विमान को तकनीकी जांच के लिए ग्राउंड कर दिया गया है और प्रभावित यात्रियों के लिए वैकल्पिक उड़ानों की व्यवस्था की जा रही है।
रांची की एयर एंबुलेंस हादसे में गई थी 7 लोगों की जान
इससे पहले झारखंड के रांची से दिल्ली जा रही एक एयर एंबुलेंस दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। रांची से उड़ान भरने के बाद यह विमान चतरा जिले के सिमरिया के पास वन क्षेत्र में क्रैश हो गया था। हादसे में विमान में सवार सभी सात लोगों की मौत हो गई थी।
चतरा की उपायुक्त कीर्तिश्री जी. के अनुसार, एयर एंबुलेंस शाम करीब 7:10 बजे रांची एयरपोर्ट से रवाना हुई थी और करीब 7:30 बजे संपर्क से बाहर हो गई। बाद में सिमरिया के बरियातु पंचायत क्षेत्र में इसके दुर्घटनाग्रस्त होने की पुष्टि हुई।
रांची के देवकमल अस्पताल के सीईओ अनंत सिन्हा ने बताया कि लातेहार जिले के चंदवा निवासी 41 वर्षीय संजय कुमार को 65 प्रतिशत जलने की हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बेहतर इलाज के लिए उन्हें एयर एंबुलेंस से दिल्ली ले जाया जा रहा था।
दोनों घटनाओं ने विमानन सुरक्षा को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं, हालांकि स्पाइसजेट की फ्लाइट में सभी यात्री सुरक्षित रहे।










