मुंबई। महाराष्ट्र की 7 राज्यसभा सीटों पर होने वाले चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मियां तेज हो गई हैं। सत्तारूढ़ महायुति और विपक्षी महाविकास आघाड़ी (MVA) दोनों ही अपने-अपने समीकरण साधने में जुटे हैं। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की ओर से उम्मीदवारों के नाम लगभग अंतिम चरण में बताए जा रहे हैं। मंगलवार, 24 फरवरी को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के आवास पर पार्टी की कोर कमेटी की अहम बैठक प्रस्तावित है, जिसमें चार उम्मीदवारों के नामों पर अंतिम मुहर लग सकती है।
महायुति का गणित मजबूत, 6 सीटें जीतने का दावा
राज्य विधानसभा में संख्या बल के आधार पर महायुति खेमे को 6 सीटों पर जीत की संभावना मानी जा रही है, जबकि महाविकास आघाड़ी को 1 सीट लगभग तय मानी जा रही है। बीजेपी 4 सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारने की तैयारी में है।
विनोद तावड़े की वापसी के संकेत?
बीजेपी की ओर से एक सीट पर केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले का नाम लगभग तय माना जा रहा है। वहीं बाकी तीन सीटों के लिए पार्टी में मंथन जारी है। संभावित नामों में विनोद तावड़े, विजया रहाटकर और धैर्यशील पाटील शामिल हैं।
पिछले कुछ वर्षों से संगठनात्मक स्तर पर सक्रिय रहे विनोद तावड़े को अगर राज्यसभा भेजा जाता है, तो इसे उनकी सक्रिय राजनीति में वापसी के तौर पर देखा जाएगा।
पार्थ पवार और राहुल शेवाले के नाम चर्चा में
उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार ने हाल ही में राज्यसभा से इस्तीफा दिया है और उनके बारामती से उपचुनाव लड़ने की संभावना जताई जा रही है। ऐसे में उपमुख्यमंत्री अजित पवार के पुत्र पार्थ पवार को राज्यसभा भेजे जाने की चर्चा तेज है।
राष्ट्रवादी कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष सुनील तटकरे ने संकेत दिए हैं कि अंतिम निर्णय पार्टी की राष्ट्रीय बैठक में लिया जाएगा, लेकिन पार्थ पवार को भेजने की इच्छा पार्टी में प्रबल बताई जा रही है।
उधर शिवसेना (शिंदे गुट) में भी राज्यसभा को लेकर लॉबिंग तेज है। पूर्व सांसद राहुल शेवाले का नाम लगभग तय माना जा रहा है। जबकि वरिष्ठ नेता गजानन कीर्तिकर भी दावेदार हैं, हालांकि उम्र को लेकर पार्टी में उत्साह कम बताया जा रहा है। सामाजिक न्याय मंत्री संजय शिरसाट ने कहा है कि अगले दो दिनों में उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे उम्मीदवार की घोषणा करेंगे।
MVA की एक सीट पर तीनों दलों का दावा
महाविकास आघाड़ी के हिस्से की एकमात्र सीट को लेकर कांग्रेस और शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) दोनों ने दावा ठोका है। हालांकि इस पूरे समीकरण की चाबी राष्ट्रवादी कांग्रेस (शरद पवार गुट) के अध्यक्ष शरद पवार के हाथ में मानी जा रही है।
85 वर्षीय शरद पवार फिलहाल अस्पताल में भर्ती हैं। वे आगामी कार्यकाल के लिए चुनाव लड़ेंगे या नहीं, इस पर स्थिति स्पष्ट नहीं है। उनकी लंबी संसदीय पारी पूरी हो चुकी है और वे महाराष्ट्र से सेवानिवृत्त होने वाले सात राज्यसभा सदस्यों में शामिल हैं।
राष्ट्रवादी (शरद पवार गुट) के विधायक रोहित पवार ने कहा कि पार्टी में सभी की इच्छा है कि शरद पवार राज्यसभा जाएं, लेकिन उनके स्वास्थ्य को देखते हुए अंतिम निर्णय उन्हीं पर निर्भर करेगा।
MVA का संख्या बल और संभावित समीकरण
संख्या बल के हिसाब से राष्ट्रवादी (शरद पवार गुट) के पास 10 विधायक, शिवसेना (उद्धव गुट) के पास 20 और कांग्रेस के 16 विधायक हैं। कुल मिलाकर MVA के पास 46 विधायक हैं। राज्यसभा की एक सीट जीतने के लिए 37 प्रथम वरीयता मतों की आवश्यकता होती है। इस तरह MVA के पास 9 अतिरिक्त वोट हैं। हालांकि अगर आंतरिक मतभेद उभरते हैं तो बीजेपी को इसका राजनीतिक लाभ मिल सकता है।
बदले राजनीतिक हालात में चुनाव
राजनीतिक गलियारों में यह भी चर्चा है कि हालिया घटनाक्रम और बदलते समीकरणों के बीच यह राज्यसभा चुनाव काफी अहम माना जा रहा है। वर्तमान हालात को देखते हुए बीजेपी के 4 उम्मीदवार, शिवसेना (शिंदे गुट) और राष्ट्रवादी कांग्रेस के 1-1 उम्मीदवार तथा महाविकास आघाड़ी का 1 उम्मीदवार जीत दर्ज कर सकता है।
महाराष्ट्र की राजनीति में यह चुनाव केवल संख्या का खेल नहीं, बल्कि भविष्य की राजनीतिक दिशा तय करने वाला माना जा रहा है।










