बीएचयू फायरिंग कांड: 5 नामजद आरोपी वांछित घोषित, 25-25 हजार का इनाम

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वाराणसी। काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (बीएचयू) परिसर में छात्र पर हुई फायरिंग के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। डीसीपी काशी जोन ने पांचों नामजद आरोपियों को वांछित घोषित करते हुए प्रत्येक पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है।

बिरला-ए हॉस्टल के पास हुई थी फायरिंग

घटना शनिवार 21 फरवरी की है, जब बिरला-ए हॉस्टल के पास छात्र रौशन कुमार पर तीन नकाबपोश बाइक सवारों ने फायरिंग की थी। छात्र की तहरीर पर तीन बाइक सवारों और दो अन्य के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज किया गया था।

घटना की सूचना मिलते ही एसीपी गौरव कुमार के साथ भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा था। छात्रों के विरोध-प्रदर्शन के बाद पुलिस ने जल्द गिरफ्तारी का आश्वासन दिया, जिसके बाद धरना समाप्त हुआ।

जांच के बाद इनाम घोषित

डीसीपी काशी जोन ने बताया कि लंका थाने में दर्ज मुकदमा अपराध संख्या 101/26 में जांच के बाद आरोपियों को फरार घोषित किया गया है।

नामजद आरोपियों में तपस राय (भभुआ, बिहार), अभिषेक उपाध्याय (कैमूर, बिहार), पीयूष कुमार (रोहतास, बिहार), ऋषभ राय (कैमूर, बिहार) और क्षितिज उपाध्याय (रोहतास, बिहार) शामिल हैं। सभी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज है।

डीसीपी ने जारी पत्र में अपील की है कि इन आरोपियों के बारे में कोई भी सूचना मिलने पर तुरंत पुलिस को सूचित करें। उन्होंने कहा कि वाराणसी में अपराध पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस पूरी तरह सतर्क है।

क्या है पूरा मामला

पीड़ित छात्र रौशन कुमार ने प्रॉक्टर कार्यालय में दी गई शिकायत में बताया था कि वह बिरला छात्रावास के बाहर खड़ा था, तभी डालमिया हॉस्टल की ओर से पल्सर बाइक पर आए तीन छात्रों ने उसे निशाना बनाकर चार राउंड फायरिंग की।

घटना के बाद परिसर की घेराबंदी की गई, लेकिन हमलावर फरार हो गए। छात्र घबराहट में बाइक का नंबर नहीं पढ़ सका था।

बीएचयू प्रशासन भी सख्त

विश्वविद्यालय प्रशासन ने भी घटना को गंभीरता से लेते हुए पांच सदस्यीय जांच समिति गठित की है। समिति फायरिंग में शामिल छात्रों की पहचान करेगी और सुरक्षा व्यवस्था में हुई चूक की रिपोर्ट कुलपति को सौंपेगी।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जरा सी भी संलिप्तता पाए जाने पर छात्रों को डिबार किया जाएगा। जरूरत पड़ने पर विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से भी एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।

सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी

घटना के बाद परिसर में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। बिरला-ए हॉस्टल लेन और धन्वंतरि छात्रावास क्षेत्र को सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में लाया जा रहा है। संवेदनशील इलाकों में ‘पैनिक बटन’ तकनीक शुरू की गई है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत प्रतिक्रिया दी जा सके।

प्राक्टोरियल बोर्ड के अधिकारियों का कहना है कि पुलिस और प्रशासन मिलकर मामले की गहन जांच कर रहे हैं और दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।

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Author: News Rastra

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