वाराणसी: PM मोदी ने 6332 करोड़ की परियोजनाओं की दी सौगात, बोले- महिलाओं के आरक्षण का हक दिलाकर रहूंगा

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

वाराणसी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने दो दिवसीय दौरे पर पहुंचे। यहां बीएलडब्ल्यू ग्राउंड में आयोजित महिला जन सम्मेलन को संबोधित करने से पहले उन्होंने 6,332 करोड़ रुपये की 163 विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया।

कार्यक्रम के दौरान ‘नम: पार्वतेय हर-हर महादेव’ के जयघोष के बीच पीएम मोदी ने महिलाओं को संबोधित करते हुए कहा कि काशी की पावन भूमि मां अन्नपूर्णा, श्रृंगार गौरी, मां संकठा और विशालाक्षी देवी की धरती है, और यहां बहनों-बेटियों की उपस्थिति इस आयोजन को और दिव्य बना रही है।

‘नारी शक्ति का वंदन और विकास का संकल्प’

प्रधानमंत्री ने भोजपुरी अंदाज में कहा, “हम काशी के माई-बहिन और बिटिया के प्रणाम करत हई।” उन्होंने इस अवसर को नारी शक्ति के सम्मान और विकास का पर्व बताया।

उन्होंने कहा कि वे एक “महायज्ञ” की शुरुआत के लिए काशी की महिलाओं से आशीर्वाद लेने आए हैं। साथ ही उन्होंने लोकसभा और विधानसभा में महिलाओं के लिए आरक्षण लागू करने का संकल्प दोहराया।

महिला आरक्षण पर दिया भरोसा

पीएम मोदी ने कहा कि हाल ही में कुछ राजनीतिक दलों के कारण संसद में यह प्रयास सफल नहीं हो सका, लेकिन उन्होंने भरोसा दिलाया कि महिलाओं को उनका अधिकार दिलाने में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी।

अमृत भारत ट्रेनों को दिखाई हरी झंडी

प्रधानमंत्री ने इस मौके पर दो अमृत भारत ट्रेन को हरी झंडी दिखाई। ये ट्रेनें काशी से पुणे और अयोध्या से मुंबई के बीच चलेंगी, जिससे उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र के बीच कनेक्टिविटी और मजबूत होगी।

उन्होंने कहा कि इससे मुंबई और महाराष्ट्र के लोगों को काशी विश्वनाथ धाम और अयोध्या धाम पहुंचने के लिए एक नया आधुनिक विकल्प मिलेगा।

‘विकसित भारत का आधार है नारी शक्ति’

प्रधानमंत्री ने कहा कि विकसित भारत के निर्माण में सबसे बड़ा योगदान नारी शक्ति का है। सरकार की योजनाओं में महिलाओं को केंद्र में रखा गया है।

उन्होंने बताया:

  • 12 करोड़ से ज्यादा शौचालय बनाए गए
  • 30 करोड़ से अधिक महिलाओं के बैंक खाते खोले गए
  • 2.5 करोड़ घरों में बिजली कनेक्शन दिए गए
  • 12 करोड़ घरों तक नल से जल पहुंचाया गया

3 करोड़ महिलाएं बनीं ‘लखपति दीदी’

पीएम मोदी ने कहा कि सरकार ने महिलाओं की आर्थिक भागीदारी बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया है। पिछले 11 वर्षों में करीब 10 करोड़ महिलाएं स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी हैं।

उन्होंने बताया कि इन प्रयासों के चलते देश में अब तक 3 करोड़ महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं, जो आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक बड़ा कदम है।

News Rastra
Author: News Rastra

Leave a Comment

और पढ़ें