वाराणसी। हिंदू समाज में एकता और समरसता को मजबूत करने के उद्देश्य से रविवार को काशी के चांदमारी क्षेत्र में एक विशाल हिंदू सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य जाति-पात से ऊपर उठकर हिंदू एकता को बढ़ावा देना रहा। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी देखने को मिली और पूरे आयोजन के दौरान “गर्व से कहो हम हिंदू हैं” के नारों से माहौल गूंजता रहा।

सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में स्वामी अड़गड़ानंद के परम शिष्य स्वामी नारद महाराज उपस्थित रहे। वहीं सम्मेलन के निवेदक और आयोजक, हिंदू सम्मेलन के महामंत्री सर्वेश सिंह सोनू ने कार्यक्रम की अगुवाई की।
इस मौके पर सर्वेश सिंह सोनू ने बांग्लादेश में हिंदू युवक के साथ हुई हालिया घटना का जिक्र करते हुए कहा कि अब हिंदुओं का एकजुट होना बेहद जरूरी हो गया है। उन्होंने कहा, “हिंदू समाज को जातिवाद से ऊपर उठकर एक होना होगा। आज के इस सम्मेलन में आरक्षित वर्ग से लेकर उच्च जाति तक के हिंदू एक मंच पर एकत्रित हुए हैं, जो अपने आप में एक सकारात्मक संदेश है।

मुख्य अतिथि स्वामी नारद जी महाराज ने अपने संबोधन में ऐसे आयोजनों की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस तरह के सम्मेलन समाज में सकारात्मक चेतना का संचार करते हैं और जनमानस तक एक अच्छा संदेश पहुंचाते हैं। स्वामी नारद जी महाराज ने भारतीय संस्कृति और परंपराओं को संरक्षित और आगे बढ़ाने में संघ और सामाजिक संगठनों के योगदान को भी महत्वपूर्ण बताया।
उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति और परंपराओं का व्यापक प्रसार समय की आवश्यकता है और ऐसे आयोजन इसमें अहम भूमिका निभाते हैं। सम्मेलन के माध्यम से हिंदू समाज को संगठित करने और सांस्कृतिक मूल्यों को सुदृढ़ करने का संदेश दिया गया।










