इलाहाबाद हाईकोर्ट ने समाजवादी पार्टी के पूर्व विधायक इरफान सोलंकी और उनके भाई रिजवान सोलंकी को बड़ी राहत देते हुए जमानत मंजूर कर दी है। कोर्ट के इस फैसले के बाद अब दोनों नेताओं की जेल से रिहाई का मार्ग प्रशस्त हो गया है। दरअसल, इनके खिलाफ दर्ज गैंगस्टर एक्ट मामले में जमानत याचिका मंजूर हुई है। यह मामला कानपुर नगर के जाजमऊ थाने में दर्ज हुआ था।
इरफान सोलंकी लंबे समय से महराजगंज जिला जेल में बंद थे। वकील शिवाकांत दीक्षित ने जानकारी दी कि इरफान और रिजवान लगभग सभी मामलों में पहले ही जमानत पा चुके थे, लेकिन गैंगस्टर एक्ट वाला केस अटका हुआ था। अब इसमें भी राहत मिलने से उनकी रिहाई का रास्ता साफ हो गया है। हालांकि, कोर्ट की प्रक्रिया पूरी होने में दो-तीन दिन का समय लग सकता है।
मां ने जताया आभार, परिवार में खुशी
फैसले के बाद इरफान सोलंकी की मां खुर्शीद सोलंकी ने अल्लाह का शुक्र अदा किया। परिवार और समर्थकों में इस फैसले से खुशी का माहौल है।
क्या है पूरा मामला?
जाजमऊ इलाके की एक महिला ने नवंबर 2022 में आरोप लगाया था कि जमीन पर कब्ज़ा करने के लिए इरफान सोलंकी और उनके साथियों ने उनकी झोपड़ी में आग लगा दी थी। शिकायत के आधार पर केस दर्ज हुआ और बाद में विशेष एमपी-एमएलए कोर्ट ने इरफान, रिजवान और अन्य आरोपियों को सात साल की सजा सुनाई थी। इसी सजा की वजह से इरफान सोलंकी की सीसामऊ विधानसभा सीट भी समाप्त हो गई थी।
अब हाईकोर्ट से मिली राहत के बाद, आज़म खान के बाद सपा के एक और बड़े नेता जेल से बाहर आने वाले हैं।










