बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने के बाद सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस पूरे घटनाक्रम पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए भारतीय जनता पार्टी पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए कहा कि यह बिहार के इतिहास का सबसे बड़ा अपहरण है। उन्होंने लिखा कि यह दिखने में राजनीतिक अपहरण लगता है, लेकिन असल में यह बिहार का आर्थिक अपहरण है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि भाजपा ने तो फिरौती में पूरा बिहार ही मांग लिया है और आगे क्या होगा, इसका इशारा समझदार के लिए काफी है।
तेजस्वी यादव ने भी बीजेपी पर साधा निशाना
इसी मुद्दे पर बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी यादव ने भी भारतीय जनता पार्टी पर हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उनकी पार्टी जनता दल यूनाइटेड को खत्म करने की साजिश रच रही है।
तेजस्वी यादव ने कहा कि बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन ने ‘2025 से 30 फिर से नीतीश’ का नारा दिया था। उन्होंने दावा किया कि उस समय भी उन्होंने कहा था कि बीजेपी ने नीतीश कुमार को ‘हाईजैक’ कर लिया है और उन्हें ज्यादा समय तक सत्ता में नहीं रहने देगी।
‘बीजेपी सहयोगी दलों को खत्म करती है’
तेजस्वी यादव ने यह भी आरोप लगाया कि बीजेपी अपने सहयोगी दलों को धीरे-धीरे कमजोर कर उन्हें खत्म करने की राजनीति करती है। उन्होंने कहा कि पार्टी नहीं चाहती कि बिहार में ऐसा नेता रहे जो पिछड़े वर्ग, दलित और आदिवासी समाज की बात करे।
राजद नेता ने यह बयान राज्यसभा उम्मीदवार अमरेंद्र धारी सिंह के नामांकन के बाद मीडिया से बातचीत के दौरान दिया। इस बीच बिहार की राजनीति में इस मुद्दे को लेकर आरोप-प्रत्यारोप का दौर लगातार जारी है।










