वाराणसी। उत्तर प्रदेश में कोडीन युक्त कफ सिरप की अवैध तस्करी के बड़े नेटवर्क पर शिकंजा कसते हुए वाराणसी पुलिस और स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने अहम सफलता हासिल की है। इस मामले में मुख्य सरगना शुभम जायसवाल के सबसे करीबी सहयोगी विकास सिंह नर्वे को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को सिद्धार्थनगर जिले में नेपाल सीमा के पास उस समय पकड़ा गया, जब वह देश छोड़कर नेपाल फरार होने की कोशिश कर रहा था।
अपर पुलिस उपायुक्त (क्राइम) सरवणन टी. ने बताया कि विकास सिंह के खिलाफ पहले ही लुकआउट सर्कुलर (LOC) और रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया जा चुका था। गिरफ्तारी के बाद उसे वाराणसी लाया जा रहा है, जहां उससे पूरे तस्करी नेटवर्क और उसके अन्य सहयोगियों को लेकर गहन पूछताछ की जाएगी।
पुलिस जांच में सामने आया है कि विकास सिंह इस अवैध नेटवर्क में फाइनेंशियल हैंडलर की भूमिका निभा रहा था। तस्करी से अर्जित धन के लेन-देन, सप्लाई चेन और पैसों के प्रबंधन की पूरी जिम्मेदारी उसी के पास थी। उसका सीधा संपर्क नेटवर्क के मुख्य सरगना शुभम जायसवाल से बताया जा रहा है।
इस केस में ‘शैली ट्रेडर्स’ फर्म के संचालक भोला प्रसाद जायसवाल के खिलाफ सोनभद्र और वाराणसी पुलिस की ओर से लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। अब तक जांच एजेंसियां करीब 50 करोड़ रुपये से अधिक की अपराध से अर्जित संपत्ति को विभिन्न जिलों में जब्त कर चुकी हैं।
अधिकारियों के मुताबिक यह तस्करी नेटवर्क न सिर्फ अंतरराज्यीय बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फैला हुआ था। नेपाल के रास्ते कफ सिरप की तस्करी की योजना बनाई जा रही थी। SIT का कहना है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं। फिलहाल पूरे नेटवर्क की परतें खोलने के लिए जांच तेज कर दी गई है।










