केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को बिहार के गोपालगंज जिले की एक चुनावी रैली को डिजिटल माध्यम से संबोधित किया। खराब मौसम के कारण शाह स्वयं रैली स्थल तक नहीं पहुंच सके, लेकिन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिए उन्होंने जनता को संबोधित करते हुए राजद पर जमकर निशाना साधा।
शाह ने कहा कि यह चुनाव बिहार के भविष्य को तय करने का समय है। उन्होंने कहा, “एक तरफ वे लोग हैं जिन्होंने ‘जंगल राज’ की नींव रखी थी, और दूसरी ओर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की जोड़ी है, जिन्होंने राज्य में विकास का मार्ग प्रशस्त किया है।”
साधु यादव पर सीधा हमला
अमित शाह ने अपने भाषण में राबड़ी देवी के भाई साधु यादव का नाम लेते हुए कहा, “गोपालगंज के लोग 2002 के बाद से राजद को कभी वोट नहीं देते। उन्हें साधु यादव के कारनामों से बेहतर कोई नहीं जानता।”
उन्होंने याद दिलाया कि यादव का नाम कई विवादों में रहा है, जिनमें 1999 में मीसा भारती की शादी के दौरान एक शोरूम से कारें जबरन ले जाने की घटना भी शामिल है। हाल ही में प्रधानमंत्री मोदी ने भी इसी घटना का अप्रत्यक्ष रूप से जिक्र किया था।
शिल्पी गौतम हत्याकांड का जिक्र
शाह ने कहा कि शिल्पी गौतम हत्याकांड में भी साधु यादव का नाम आया था। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि राजद के शासनकाल में बिहार में भय और अराजकता का माहौल था, जिसे जनता कभी नहीं भूल सकती।
राजद शासन के नरसंहारों की याद दिलाई
गृह मंत्री ने उस दौर का भी जिक्र किया जब बिहार के कई जिले नक्सली हिंसा और जातीय संघर्षों से जूझ रहे थे। उन्होंने कहा, “मध्य बिहार के कई गांव उस वक्त नरसंहारों के लिए बदनाम हो गए थे, यह वही समय था जब राजद सत्ता में थी।”
एनडीए के वादों का किया जिक्र
अमित शाह ने राजग के घोषणापत्र में शामिल योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि केंद्र और राज्य सरकार ने बिहार के विकास के लिए मिलकर काम किया है। उन्होंने बताया कि 1.41 करोड़ जीविका दीदियों के खातों में ₹10,000 जमा किए गए हैं और आने वाले समय में उन्हें ₹2 लाख तक की सहायता दी जाएगी।
उन्होंने यह भी कहा, “बिहार के 27 लाख किसानों को अब सालाना ₹9,000 दिए जाएंगे, जिसमें पीएम किसान सम्मान निधि के ₹6,000 के साथ राज्य सरकार के ₹3,000 अतिरिक्त जोड़े जाएंगे।”
चीनी मिलों को फिर से खोलने का वादा
शाह ने कहा कि आने वाले पांच सालों में राज्य की सभी बंद चीनी मिलें फिर से शुरू की जाएंगी, जिससे हजारों किसानों और मजदूरों को फायदा होगा।
गृह मंत्री ने अपने भाषण के अंत में कहा, “बिहार की जनता ने जंगल राज को बहुत करीब से देखा है। अब विकास का रास्ता ही बिहार का भविष्य है, और वह रास्ता एनडीए ही दिखा सकता है।”










