Bihar Result: मोकामा से बाहुबली अनंत सिंह ने गाड़ा जीत का झंडा, RJD की वीणा देवी को दी करारी मात

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बिहार की प्रतिष्ठित मोकामा विधानसभा सीट पर एक बार फिर ‘बाहुबल की सियासत’ का वर्चस्व देखने को मिला। जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के उम्मीदवार और क्षेत्र के दबंग नेता अनंत सिंह ने राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) की वीणा देवी को बड़े अंतर से हराकर यह चुनावी जंग जीत ली।
यह चुनावी संग्राम सतह पर भले ही अनंत सिंह और वीणा देवी के बीच था, लेकिन राजनीतिक पंडितों और गलियारों में इसे अनंत सिंह बनाम सूरजभान सिंह परिवार की प्रतिष्ठा की लड़ाई माना जा रहा था। यह मुकाबला भूमिहार बनाम भूमिहार के सीधे जातीय संघर्ष में बदल गया, जहाँ ताकत, जनता के बीच पैठ, और जातीय अंकगणित ने जीत का रास्ता तय किया।

तीन दशक, तीन बाहुबली: मोकामा की राजनीति का इतिहास

मोकामा सीट हमेशा से ही बिहार की अपराध और राजनीति के मेल का एक सशक्त उदाहरण रही है। पिछले तीन दशकों से यहाँ तीन बड़े ‘बाहुबली’ नेताओं—दिलीप सिंह, सूरजभान सिंह और अनंत सिंह—का एकाधिकार रहा है।

* दिलीप सिंह ने 1990 से 2000 तक जनता दल के टिकट पर प्रतिनिधित्व किया।
* इसके बाद सूरजभान सिंह ने 2000 से 2005 तक निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में जीत हासिल की।
* अनंत सिंह ने 2005 से 2022 तक लगातार जीत दर्ज कर अपनी पकड़ मजबूत बनाए रखी।
* यहाँ तक कि 2022 के उपचुनाव में भी उनके परिवार की सदस्य, नीलम देवी (उनकी पत्नी), आरजेडी के टिकट पर विजयी हुई थीं।

मोकामा की राजनीति का यह पैटर्न साफ दिखाता है कि सत्ता की बागडोर हमेशा इन्हीं दबंग परिवारों के इर्द-गिर्द घूमती रही है।

पार्टी बदली, दबदबा कायम रहा

इस बार के चुनाव में अनंत सिंह ने 2020 में आरजेडी के टिकट पर मिली जीत के बाद जेडीयू में शामिल होकर दोबारा ताल ठोकी और मैदान मार लिया। उनकी यह जीत उनके व्यक्तिगत प्रभाव को दर्शाती है, जिसे जनता एक स्थानीय ‘सरकार’ या ‘माई-बाप’ जैसा मानती है। उनकी यह छवि विकास कार्यों और मजबूत जनसंपर्क की बदौलत बनी है।

ताकत, वोट और जनता का समर्थन: जीत का समीकरण

चुनावी अखाड़े में एक तरफ अनंत सिंह की अभूतपूर्व क्षेत्रीय पकड़ थी, तो दूसरी तरफ सूरजभान सिंह परिवार का राजनीतिक बल। विशेषज्ञों ने पहले ही अनुमान लगा लिया था कि इस बार भी मोकामा अपने इतिहास को दोहराएगा, जहाँ शक्ति, जातिगत गठजोड़ और लोकप्रियता का मिश्रण ही परिणाम तय करेगा। यह स्पष्ट था कि जीत का सेहरा किसी न किसी बाहुबली के सिर ही सजेगा।
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Author: News Rastra

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