वाराणसी। चैत्र नवरात्रि के चौथे दिन काशी में भक्ति और आस्था का अद्भुत नजारा देखने को मिल रहा है। मां श्रृंगार गौरी और मां कूष्मांडा के दर्शन-पूजन के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है। सुबह से ही मंदिरों में भक्तों की लंबी कतारें लगी हैं और पूरा वातावरण “जय माता दी” के जयघोष से गूंज रहा है।
श्रृंगार गौरी मंदिर: साल में एक दिन मिलते हैं दुर्लभ दर्शन
काशी के श्री काशी विश्वनाथ धाम और ज्ञानवापी क्षेत्र के पास स्थित मां श्रृंगार गौरी का मंदिर विशेष महत्व रखता है। मान्यता है कि यहां देवी के दर्शन पूरे वर्ष में केवल एक बार, वासंतिक नवरात्रि के दौरान ही संभव होते हैं।
माता का विग्रह ज्ञानवापी परिसर की दीवार के ताखे में विराजमान है, जहां श्रद्धालु गहरी श्रद्धा और विश्वास के साथ पूजा-अर्चना करते हैं। यही कारण है कि इस अवसर पर यहां भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ता है।
कूष्मांडा देवी के दरबार में भी लगी भक्तों की भीड़
दूसरी ओर, दुर्गाकुंड स्थित मां कूष्मांडा देवी के मंदिर में भी श्रद्धालु बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं। शक्ति साधक मां के चरणों में शीश नवाकर सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना कर रहे हैं।
धार्मिक मान्यता है कि मां कूष्मांडा की कृपा से भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
सुरक्षा के विशेष इंतजाम, प्रशासन अलर्ट
श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए मंदिर प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों ने विशेष इंतजाम किए हैं। दर्शन व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात किया गया है, ताकि भक्तों को किसी तरह की असुविधा न हो।










