फरीदाबाद आतंकी मॉड्यूल मामले में डॉ. शाहीन की गिरफ्तारी के बाद जांच एजेंसियों ने उत्तर प्रदेश के 18 संदिग्धों पर नजरें टिका दी हैं। एजेंसियां बीते तीन से चार सालों में यूपी की जेलों से रिहा हुए संदिग्ध आतंकियों की गतिविधियों पर गहन निगरानी कर रही हैं। इन संदिग्धों के कॉल डिटेल, बैंक लेनदेन और सोशल मीडिया गतिविधियों को खंगाला जा रहा है।
लखनऊ के खंदारी बाजार से निकला डॉ. शाहीन का कनेक्शन
डॉ. शाहीन का संबंध लखनऊ के खंदारी बाजार इलाके से जुड़ने के बाद खुफिया एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। बताया जा रहा है कि अब इस इलाके और इसके आसपास के क्षेत्रों में एजेंसियां लगातार निगरानी कर रही हैं। साथ ही यूपी के 18 संदिग्धों पर 24 घंटे नजर रखी जा रही है।
खंगाली जा रही ट्रैवल हिस्ट्री
सूत्रों के अनुसार, जिन 18 लोगों पर एजेंसियों की नजर है, वे सभी किसी न किसी समय आतंक से जुड़े मामलों में सामने आ चुके हैं। जांच एजेंसियां अब इनके पुराने रिकॉर्ड, यात्रा विवरण और संपर्कों की गहन पड़ताल कर रही हैं। लखनऊ पुलिस ने भी इन संदिग्धों और उनके सहयोगियों की जानकारी के लिए एटीएस और खुफिया विभाग से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।
24 घंटे निगरानी के लिए गठित की गई विशेष टीमें
लखनऊ पुलिस ने संदिग्धों पर नजर रखने के लिए कई विशेष टीमों का गठन किया है। इन टीमों को एटीएस और खुफिया एजेंसियों द्वारा मिले नामों और संभावित ठिकानों पर जांच का जिम्मा सौंपा गया है। टीमें संदिग्धों की गतिविधियों पर लगातार निगरानी रख रही हैं।
डॉ. शाहीन और उनके परिवार के खिलाफ बढ़ा शक का दायरा
गौरतलब है कि फरीदाबाद में भारी मात्रा में विस्फोटक और हथियार बरामद होने के मामले में डॉ. मुजम्मिल की गिरफ्तारी के बाद जांच में एक स्विफ्ट कार मिली थी। कार से एक असॉल्ट राइफल और कई हथियार बरामद किए गए थे। जांच में पता चला कि यह कार महिला डॉक्टर शाहीन के नाम पर थी। इसी कड़ी में एजेंसियों ने डॉ. शाहीन को भी गिरफ्तार किया।
डॉ. शाहीन मूल रूप से लखनऊ के लालबाग क्षेत्र की निवासी हैं। उनके छोटे भाई डॉ. परवेज को भी इसी केस में गिरफ्तार किया गया है। सूत्रों के अनुसार, डॉ. परवेज भी अपनी बहन के संपर्क में था और देशविरोधी गतिविधियों में शामिल था। वहीं सहारनपुर के एक अस्पताल से गिरफ्तार डॉ. आदिल की शादी में शामिल हुए लोग भी अब जांच एजेंसियों के रडार पर हैं।










