Flood Update Varanasi : लगातार आठ दिन तक तेजी से बढ़ने के बाद गंगा का जलस्तर अब धीरे-धीरे घटने लगा है। मंगलवार दोपहर से गंगा का बहाव कुछ स्थिर हुआ, लेकिन राहत अभी दूर है, क्योंकि नदी अब भी खतरे के निशान से 97 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है।
धीरे-धीरे कम हो रहा जलस्तर
केंद्रीय जल आयोग के मुताबिक मंगलवार सुबह 10 बजे गंगा का जलस्तर 72.12 मीटर दर्ज किया गया। पानी की गति अब 2 सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से घट रही है। अनुमान है कि बुधवार सुबह तक जलस्तर में करीब 11 सेंटीमीटर की गिरावट हो सकती है।
हालांकि, सोमवार से मंगलवार तक के 28 घंटे में गंगा में फिर 20 सेंटीमीटर का इज़ाफा देखा गया था, जिससे संकट अभी टला नहीं है।
सड़कों पर फैला बाढ़ का पानी
गंगा नदी का पानी अब घाटों को पार कर शहर की कई सड़कों तक पहुंच चुका है। कुछ स्थानों पर 3 से 4 फीट तक पानी भर गया है, जिससे आवागमन बाधित हो गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में हालात और भी खराब हैं — कई गांवों का मुख्य मार्गों से संपर्क टूट चुका है।
धूप और नमी ने बढ़ाई उमस, 29% ज्यादा बारिश दर्ज
मंगलवार को वाराणसी में अगस्त महीने की पहली तेज धूप निकली, जिससे गीली ज़मीन और 90% से अधिक नमी के कारण हवा में भारी उमस महसूस की गई।
मंगलवार को न्यूनतम तापमान 25.6°C रहा, जो सामान्य से 0.8 डिग्री कम था। अब तक मानसून में 535.9 मिमी बारिश हो चुकी है, जो सामान्य से 29% अधिक है।
पिपरी गांव में जेनरेटर और नावों के सहारे गुजर रही ज़िंदगी
चौबेपुर का पिपरी गांव, जो नाद नदी के बीच बसा है, पूरी तरह से बाढ़ से घिर गया है। सुरक्षा के चलते बिजली आपूर्ति रोक दी गई है, जिससे गांव अंधेरे में डूबा हुआ है।
लेकिन ग्रामीणों ने आपसी मदद से 7 जेनरेटर मंगवाए हैं और दो नावें चला कर किसी तरह से दैनिक ज़रूरतें पूरी कर रहे हैं।










