घोसी उपचुनाव: शिवपाल यादव का बड़ा दांव, सुजीत सिंह को उतारा मैदान में

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मऊ। उत्तर प्रदेश के मऊ जिले की घोसी विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी ने इस सीट के लिए अपने उम्मीदवार का ऐलान कर दिया है। सपा ने दिवंगत विधायक सुधाकर सिंह के पुत्र सुजीत सिंह को उम्मीदवार बनाया है। इस फैसले की घोषणा पार्टी के वरिष्ठ नेता शिवपाल सिंह यादव ने की।

गौरतलब है कि घोसी सीट सपा विधायक सुधाकर सिंह के निधन के बाद रिक्त हुई थी। 20 नवंबर 2025 को लखनऊ के मेदांता अस्पताल में उनके निधन के बाद यहां उपचुनाव की स्थिति बनी। सपा नेतृत्व ने पहले ही संकेत दे दिए थे कि पार्टी इस सीट पर परिवार के सदस्य को मौका देगी।

कौन हैं सुजीत सिंह?

सुजीत सिंह स्थानीय राजनीति में जाना-पहचाना नाम हैं। वह घोसी के पूर्व ब्लॉक प्रमुख रह चुके हैं और क्षेत्र में युवा नेता के तौर पर उनकी पहचान है। संगठन से जुड़े कार्यकर्ताओं के बीच भी उनकी पकड़ मानी जाती है। सपा को उम्मीद है कि सहानुभूति लहर के साथ-साथ स्थानीय समर्थन का फायदा पार्टी को मिलेगा।

शिवपाल यादव ने उम्मीदवार की घोषणा करते हुए कहा कि सुजीत सिंह जनता के बीच मजबूत आवाज बनेंगे और पार्टी कार्यकर्ता पूरी ताकत से उन्हें जिताने में जुटेंगे। पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव भी पहले ही सुधाकर सिंह के परिवार के साथ खड़े होने का भरोसा जता चुके हैं।

घोसी सीट का सियासी इतिहास

घोसी विधानसभा सीट पर पिछले कुछ चुनावों से मुकाबला बेहद दिलचस्प रहा है। 2022 के विधानसभा चुनाव में सपा के दारा सिंह चौहान ने भाजपा उम्मीदवार को हराया था। बाद में उनके भाजपा में जाने के बाद हुए उपचुनाव में सुधाकर सिंह ने भाजपा को बड़े अंतर से शिकस्त दी थी। उस चुनाव में भाजपा ने पूरी ताकत झोंकी थी, बावजूद इसके सपा को जीत मिली थी।

भाजपा की तैयारी

अब भाजपा और उसकी सहयोगी सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) भी अपने उम्मीदवार के चयन में जुटी हुई हैं। पिछली हार से सबक लेते हुए भाजपा इस बार रणनीति बदलने की तैयारी कर रही है। पार्टी स्थानीय मुद्दों और सरकार की योजनाओं को आधार बनाकर मैदान में उतर सकती है।

फिलहाल चुनाव आयोग ने उपचुनाव की तारीखों की घोषणा नहीं की है, लेकिन नियमों के तहत छह महीने के भीतर चुनाव कराना जरूरी है। ऐसे में अप्रैल 2026 तक घोसी उपचुनाव होने की संभावना है। सपा ने उम्मीदवार घोषित कर सियासी बढ़त जरूर बना ली है, अब देखना होगा कि भाजपा किस रणनीति के साथ मुकाबले में उतरती है।

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Author: News Rastra

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