नई दिल्ली। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति में कमी के बीच सोना और चांदी एक बार फिर निवेशकों की पहली पसंद बनते नजर आ रहे हैं। बाजार में अनिश्चितता के माहौल के चलते निवेशक सुरक्षित विकल्प (Safe-haven) के तौर पर कीमती धातुओं की ओर रुख कर रहे हैं।
निवेश बढ़ा, लेकिन ज्वेलरी डिमांड कमजोर
भारत में सोने की कीमतें रिकॉर्ड ऊंचाई के करीब बनी हुई हैं, जिसके चलते आभूषणों की मांग में कमी देखने को मिल रही है। हालांकि, निवेश के लिहाज से सोने और चांदी की मांग लगातार बढ़ रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा हालात में निवेशक जोखिम से बचने के लिए गोल्ड और सिल्वर को प्राथमिकता दे रहे हैं।
चांदी में जोरदार उछाल
पिछले कुछ दिनों में चांदी की कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला है।
30 मार्च को चांदी का भाव करीब ₹2,30,135 प्रति किलो दर्ज किया गया, जो 27 मार्च के ₹2,21,647 प्रति किलो के मुकाबले काफी ज्यादा है।
विशेषज्ञों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी की कीमत $65 से $75 प्रति औंस के दायरे में रह सकती है।
प्रमुख शहरों में सोने के ताजा भाव (प्रति 10 ग्राम)
देश के बड़े शहरों में सोने की कीमतों में मामूली अंतर देखने को मिल रहा है:
- चेन्नई: 24K – ₹15,023 | 22K – ₹13,604 | 18K – ₹13,771
- मुंबई: 24K – ₹14,827 | 22K – ₹13,591 | 18K – ₹11,120
- दिल्ली: 24K – ₹14,842 | 22K – ₹13,606 | 18K – ₹11,135
- कोलकाता: 24K – ₹14,827 | 22K – ₹13,591 | 18K – ₹11,120
- बेंगलुरु/हैदराबाद/पुणे/केरल: लगभग समान रेट
- वडोदरा/अहमदाबाद: 24K – ₹14,832 | 22K – ₹13,596 | 18K – ₹11,125
आगे क्या होगा? (Market Outlook)
ऑगमोंट बुलियन (Augmont Bullion) की रिपोर्ट के अनुसार, आने वाले समय में सोना-चांदी की कीमतें मुख्य रूप से तीन बड़े कारकों पर निर्भर करेंगी:
- कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव
- ग्लोबल जियो-पॉलिटिकल तनाव (युद्ध/संघर्ष)
- डॉलर और ब्याज दरों की चाल
निवेशकों के लिए संकेत
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर वैश्विक अस्थिरता बनी रहती है, तो सोना-चांदी की कीमतों में और तेजी देखी जा सकती है।
हालांकि, ऊंचे भाव के कारण आम खरीदारों को फिलहाल राहत नहीं मिलने वाली है।










