वाराणसी। भारतीय जनता पार्टी के महानगर कार्यालय गुलाब बाग में आज पार्षद और पूर्व पार्षदों की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में आगामी विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए गहन मतदाता सत्यापन, शक्तिशाली बूथ प्रबंधन और संगठनात्मक जिम्मेदारियों पर व्यापक चर्चा हुई।
एसआईआर केवल औपचारिकता नहीं, बेहद महत्वपूर्ण: धर्मपाल
बैठक के मुख्य अतिथि एवं प्रदेश महामंत्री संगठन धर्मपाल ने कहा कि एसआईआर (विशेष गहन पुनरीक्षण) सिर्फ एक प्रक्रिया नहीं, बल्कि संगठन की मजबूती की नींव है। उन्होंने कहा, हमें संगठन के नेटवर्क को मजबूत करते हुए वोटर लिस्ट को त्रुटि रहित बनाना है। बूथ अध्यक्ष, बीएलए, पार्षद और पूर्व पार्षद मिलकर हर मतदाता का अध्ययन करें।”
उन्होंने बताया कि जिनका नाम मतदाता सूची में जुड़ना चाहिए, उन्हें तुरंत जोड़वाना चाहिए। यदि कोई मतदाता अन्य शहर में चला गया है और वहां मतदाता बन चुका है, तो भी उसका नाम डेढ़ साल के लिए स्थानीय सूची में जोड़ने का विकल्प उपलब्ध है। यह अवसर पार्षदों को अभियान की तरह लेना चाहिए।
धर्मपाल जी ने कहा कि प्रत्येक बूथ पर 100-200 संदिग्ध मतदाता होते हैं, जिनकी पहचान कर सूची को सही करना जरूरी है। साथ ही विपक्ष की रणनीतियों पर भी नजर रखने की सलाह दी।
16 दिसंबर के बाद शुरू होगा बड़ा कार्य
उन्होंने कहा कि 16 दिसंबर को नई मतदाता सूची जारी होगी। इसके बाद पार्षदों को बूथवार आंकड़ों को मजबूती से तैयार करना है। 5 जनवरी को अंतिम सूची आने से पहले सभी आवश्यक सुधार पूरे करने होंगे।
गहन पुनरीक्षण संगठन की मजबूती: दिलीप पटेल
क्षेत्रीय अध्यक्ष दिलीप पटेल ने कहा कि यदि हम संगठन के साथ मिलकर गहन मतदाता पुनरीक्षण करेंगे तो चुनाव की तैयारी और मजबूत होगी। उन्होंने निर्देश दिया कि 11 दिसंबर तक घर-घर पहुंचकर सभी मतदाताओं की पहचान पूरी कर लें ताकि मतदाता सूची 100% सटीक हो सके।
कार्यक्रम में संगठनात्मक जिम्मेदारी पर जोर
महानगर अध्यक्ष ने अतिथियों का स्वागत किया और कहा कि संगठन द्वारा दी गई जिम्मेदारियों को प्राथमिकता देते हुए सभी को एसआईआर अभियान में पूरी निष्ठा से लगना चाहिए।
कार्यक्रम का संचालन जगदीश त्रिपाठी ने किया। धन्यवाद ज्ञापन करते हुए महापौर अशोक तिवारी ने कहा कि सभी पार्षद संगठन की अपेक्षा के अनुरूप कार्य करेंगे और बूथवार पूरा डेटा तैयार करेंगे।
बैठक में शामिल प्रमुख लोग
बैठक में अनेक वरिष्ठ नेता व पदाधिकारी उपस्थित रहे, जिनमें शामिल हैं, अश्वनी त्यागी (वाराणसी लोकसभा प्रभारी एवं विधान परिषद सदस्य), सुशील उपाध्याय (महानगर प्रवासी), नरसिंह दास (नगर निगम उपसभापति), सुरेश चौरसिया, निर्मला सिंह पटेल, साधना वेदांती, गीता शास्त्री, कुसुम सिंह पटेल, सीमा वर्मा, कनकलता मिश्रा, चंद्रशेखर उपाध्याय, राकेश जयसवाल, मदन मोहन तिवारी, कुंवरकांत सिंह, अजय सिंह, विनोद भारद्वाज, अजय गुप्ता, श्यामआसरे मौर्य, जितेंद्र लालवानी, अशोक सेठ, पूर्णमासी गुप्ता, गोपाल जायसवाल, रविंद्र सिंह, राजेंद्र यादव, राजेश यादव, अशोक मौर्य सहित कई प्रमुख कार्यकर्ता।










