Kashi Tamil Sangamam 4.0 : 2 दिसंबर से होगा ‘काशी तमिल संगमम’ का आगाज, काशी में जुटेंगे 1400 तमिल प्रतिनिधि

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

वाराणसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की परिकल्पना पर आधारित काशी तमिल संगमम 2025 (Kashi Tamil Sangamam 4.0) का आयोजन इस वर्ष 2 दिसंबर से 15 दिसंबर तक भव्य रूप से काशी में किया जाएगा। कार्यक्रम का शुभारंभ वाराणसी से होगा और समापन रामेश्वरम में किया जाएगा। इस बार संगमम की थीम ‘चलो तमिल सीखें’ करपोम तमिल’ रखी गई है, जिसका उद्देश्य भारतीय भाषाओं की एकता को मजबूत करना और तमिल भाषा के ज्ञान को देशभर में फैलाना है।

सात श्रेणियों में आएंगे तमिल प्रतिनिधि

मंडलायुक्त एस. राजलिंगम की अध्यक्षता में कमिश्नरी सभागार में हुई बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि इस वर्ष भी आयोजन को पिछले वर्षों की तरह भव्य और सुव्यवस्थित बनाया जाए।
तमिलनाडु से सात श्रेणियों के प्रतिनिधि काशी पहुंचेंगे—

  1. छात्र

  2. शिक्षक

  3. लेखक और मीडिया प्रतिनिधि

  4. कृषि एवं संबद्ध क्षेत्र

  5. पेशेवर और शिल्पकार

  6. महिलाएं

  7. आध्यात्मिक विद्वान

इन सभी श्रेणियों के 1400 से अधिक तमिल प्रतिनिधि वाराणसी आएंगे।

व्यवस्था और तैयारियों का खाका तैयार

अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि तमिलनाडु से आने वाले मेहमानों के लिए स्टेशन से आवास तक सुरक्षित और सुगम परिवहन व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। प्रतिभागियों के ठहरने के स्थान, नमो घाट और बीएचयू परिसर तक पहुंचाने के लिए बसों व वाहनों की व्यवस्था, भोजन, सुरक्षा, चिकित्सा, स्वच्छता और आवासीय सुविधाओं का सत्यापन करने के निर्देश दिए गए।
इसके साथ ही हेल्प डेस्क, नोडल अधिकारी, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और शैक्षणिक सत्रों (Academic Sessions) की तैयारियां समय पर पूरी करने के आदेश दिए गए।

इस बार दो नई पहलें

इस वर्ष के संगमम में दो विशेष पहलें जोड़ी गई हैं —

  1. ‘तमिल करपोम’ पहल के तहत उत्तर भारत के छात्रों को तमिलनाडु में तमिल भाषा सीखने का अवसर मिलेगा।

  2. ‘अगस्त्य एक्सपीडिशन’ — तेंकासी से काशी तक की यात्रा निकाली जाएगी, जो तमिलनाडु के सांस्कृतिक और राष्ट्रीय योगदान को उजागर करेगी।

मंडलायुक्त ने BHASHINI ऐप के अधिकाधिक डाउनलोड पर भी जोर दिया, जो हिंदी से तमिल में रियल-टाइम अनुवाद की सुविधा प्रदान करेगा, जिससे प्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों के बीच संवाद आसान होगा।

काशी-तमिल संबंधों को करेगा और प्रगाढ़

यह दो सप्ताह का संगमम तमिलनाडु और काशी के प्राचीन सांस्कृतिक व आध्यात्मिक संबंधों को और गहराई से जोड़ने का अवसर बनेगा।

गौरतलब है कि काशी तमिल संगमम की शुरुआत वर्ष 2022 में हुई थी।

  • पहला संस्करण (16 नवंबर से 15 दिसंबर 2022) में 2500 से अधिक तमिल प्रतिनिधि वाराणसी, प्रयागराज और अयोध्या पहुंचे थे।

  • दूसरा संस्करण (17 से 30 दिसंबर 2023) का उद्घाटन नमो घाट पर प्रधानमंत्री मोदी ने किया था, जिसमें तमिल अनुवाद सुविधा उपलब्ध कराई गई थी।

  • तीसरा संस्करण (15 से 24 फरवरी 2025) ऋषि अगस्त्य की विरासत पर केंद्रित था, जिसमें 1000 प्रतिनिधि और 200 छात्र शामिल हुए।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी प्रखर कुमार सिंह, मुख्य कार्यपालक अधिकारी विश्वभूषण मिश्र, एडीएम प्रशासन विपिन कुमार, अपर नगर आयुक्त सविता यादव, शिक्षा विभाग और आईआरसीटीसी के अधिकारी उपस्थित रहे।

News Rastra
Author: News Rastra

Leave a Comment

और पढ़ें