लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने पुलिस विभाग में बड़े स्तर पर प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 206 पुलिस उपाधीक्षकों (डीएसपी) एवं समकक्ष अधिकारियों के तबादले कर दिए हैं। पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) मुख्यालय की ओर से जारी आदेश के तहत प्रदेश के विभिन्न जिलों, कमिश्नरेट, पीएसी, एसएसएफ, सीआईडी, एटीएस, एलआईयू, रेलवे पुलिस तथा अन्य विशेष इकाइयों में तैनात अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।
जारी तबादला सूची के अनुसार लखनऊ, वाराणसी, कानपुर नगर, प्रयागराज, गौतमबुद्धनगर, आगरा और गाजियाबाद समेत कई महत्वपूर्ण कमिश्नरेट क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर बदलाव किए गए हैं। इसके अलावा मुख्यमंत्री सुरक्षा, सचिवालय सुरक्षा, पीएसी वाहिनियों और विशेष सुरक्षा इकाइयों में भी व्यापक स्तर पर अधिकारियों की नई तैनाती की गई है।
तबादलों में जितेंद्र कुमार-द्वितीय को मुख्यमंत्री सुरक्षा लखनऊ से शाहजहांपुर, अनुरुद्ध कुमार को महराजगंज से महोबा, अभिषेक सिंह को कौशांबी से बलरामपुर, अमित कुमार पांडेय को पीटीएस जालौन से सहायक पुलिस आयुक्त कानपुर नगर तथा प्रशांत सिंह को गोरखपुर से सहायक पुलिस आयुक्त वाराणसी नियुक्त किया गया है। वहीं कई अधिकारियों को विभिन्न जिलों में क्षेत्राधिकारी, सहायक पुलिस आयुक्त और सहायक सेनानायक के पदों पर भेजा गया है।
पीएसी और एसएसएफ की विभिन्न वाहिनियों में भी बड़े पैमाने पर बदलाव देखने को मिले हैं। कई अधिकारियों को नई बटालियनों में सहायक सेनानायक की जिम्मेदारी दी गई है, जबकि कुछ अधिकारियों को सीआईडी, एटीएस, ईओडब्ल्यू, लोकायुक्त, रेलवे पुलिस और अन्य विशेष इकाइयों में स्थानांतरित किया गया है।
सरकार ने कमिश्नरेट व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से लखनऊ, वाराणसी, कानपुर नगर, गौतमबुद्धनगर और प्रयागराज में बड़ी संख्या में अधिकारियों की तैनाती की है। माना जा रहा है कि इससे कानून-व्यवस्था और पुलिसिंग को और मजबूती मिलेगी।
डीजीपी मुख्यालय के अनुसार यह तबादला सूची प्रशासनिक आवश्यकता, बेहतर पुलिस प्रबंधन तथा कानून-व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से जारी की गई है। सभी तबादला आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिए गए हैं और संबंधित अधिकारियों को शीघ्र अपने नए तैनाती स्थल पर कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रदेश पुलिस महकमे में हुए इस व्यापक फेरबदल को हाल के वर्षों के सबसे बड़े प्रशासनिक बदलावों में से एक माना जा रहा है, जिसका असर प्रदेश के लगभग 65 जिलों और विभिन्न पुलिस इकाइयों पर पड़ेगा।









