वाराणसी। मॉरीशस के प्रधानमंत्री नवीनचंद्र रामगुलाम अपनी पत्नी और 70 सदस्यों के प्रतिनिधिमंडल संग विवेकानंद क्रूज से दशाश्वमेध घाट पर विश्व प्रसिद्ध गंगा आरती में शामिल हुए और अद्भुत पल के साक्षी बने. गंगा में आई बाढ़ के कारण आरती का आयोजन घाट की छत पर किया गया था, जो एक अनूठा अनुभव रहा.
बनारसी सिल्क का अंगवस्त्र भेंट किया गया
क्रूज पर सभी मेहमानों को बनारसी सिल्क का अंगवस्त्र भेंट किया गया. पीएम रामगुलाम ने खुद गंगा में फूल अर्पित कर आशीर्वाद लिया और इन अद्भुत पलों को अपने मोबाइल में कैद किया, जिसमें उन्होंने अपनी पत्नी के साथ सेल्फी भी ली.
जब उनसे भोजपुरी में कुछ कहने के लिए कहा गया, तो वे मुस्कुराए और सिर्फ ‘महादेव बोल’ कहकर आगे बढ़ गए. दशाश्वमेध घाट पर पांच अर्चकों ने मिलकर धूप आरती, झाल आरती और नाग आरती के बाद शांति पाठ किया. अर्चकों ने उन्हें रुद्राक्ष की माला पहनाई और प्रसाद में लाल पेड़ा भेंट किया.
रविदास घाट पर राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और प्रभारी मंत्री सुरेश खन्ना ने उनका स्वागत किया. रास्ते भर संस्कृति विभाग ने छह मंचों पर पूर्वांचल के पारंपरिक लोक नृत्य जैसे झूला, मयूर और धोबिया नृत्य और लोकगीत जैसे कजरी, बिरहा, चैती और कहरवा की प्रस्तुति दी, जिसने सभी का मन मोह लिया.










