केरल में समय से पहले दस्तक देगा मानसून! टूट सकता है 35 सालों का रिकॉर्ड, जानें IMD का अपडेट

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने दक्षिण-पश्चिम मानसून को लेकर बड़ा अपडेट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार, इस साल मानसून केरल में 26 मई तक पहुंच सकता है, जो सामान्य तारीख 1 जून से करीब 6 दिन पहले है। वहीं, कुछ परिस्थितियां अनुकूल रहीं तो मानसून 22 मई तक भी केरल तट पर दस्तक दे सकता है। अगर ऐसा होता है, तो यह पिछले 35 वर्षों में सबसे जल्दी मानसून आगमन होगा।

इससे पहले साल 1990 में दक्षिण-पश्चिम मानसून 18 मई को केरल पहुंचा था। वहीं, पिछले साल 2025 में मानसून ने 24 मई को केरल में एंट्री की थी।

अगले 24 घंटे में बढ़ेगा मानसून

IMD के मुताबिक, अगले 24 घंटों में मानसून दक्षिणी बंगाल की खाड़ी, अंडमान सागर और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह के कुछ हिस्सों में आगे बढ़ सकता है। मौसम विभाग ने पश्चिमी तट के दक्षिणी हिस्सों में 28 मई तक भारी बारिश की संभावना भी जताई है।

हालांकि मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि मानसून का जल्दी आना हमेशा अच्छी बारिश की गारंटी नहीं होता। कई बार जल्दी पहुंचने वाला मानसून कमजोर भी साबित हुआ है।

अल नीनो बढ़ा सकता है चिंता

स्काईमेट वेदर के मौसम वैज्ञानिक Mahesh Palawat ने कहा कि कई ऐसे साल रहे हैं जब मानसून जल्दी आया, लेकिन बारिश सामान्य से कम हुई। उन्होंने बताया कि मानसून की मजबूती इस बात पर निर्भर करती है कि मौसम में कितने निम्न दबाव के सिस्टम बनते हैं और मानसून किस तरह आगे बढ़ता है।

इसी बीच अमेरिकी जलवायु पूर्वानुमान केंद्र और National Oceanic and Atmospheric Administration (NOAA) ने अल नीनो को लेकर चिंता जताई है। वैज्ञानिकों के मुताबिक मई से जुलाई के बीच अल नीनो बनने की 82 प्रतिशत संभावना है और साल के अंत तक इसके काफी मजबूत होने के संकेत हैं।

देश के कई हिस्सों में कम बारिश के आसार

IMD के शुरुआती अनुमान के अनुसार, इस साल देश के कई हिस्सों में सामान्य से कम बारिश हो सकती है। हालांकि उत्तर-पूर्व भारत, उत्तर-पश्चिम भारत और दक्षिणी प्रायद्वीपीय क्षेत्रों के कुछ हिस्सों में सामान्य से अधिक वर्षा होने की संभावना जताई गई है।

मौसम विभाग इस महीने के आखिर तक मानसून को लेकर दूसरा विस्तृत पूर्वानुमान जारी कर सकता है। IMD ने बताया कि केरल में मानसून आगमन की तारीख का अनुमान स्वदेशी सांख्यिकीय मॉडल के आधार पर लगाया गया है, जिसका इस्तेमाल वर्ष 2005 से किया जा रहा है।

News Rastra
Author: News Rastra

Leave a Comment

और पढ़ें