नेशनल हेराल्ड मामला एक बार फिर सुर्खियों में है। दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने कांग्रेस की शीर्ष नेताओं सोनिया गांधी, राहुल गांधी और अन्य 6 लोगों के खिलाफ नई FIR दर्ज की है। शिकायत में उन पर एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (AJL) की संपत्ति को अवैध तरीके से यंग इंडियन कंपनी को ट्रांसफर कराने की साजिश का आरोप लगाया गया है।
क्या है नेशनल हेराल्ड केस?
नेशनल हेराल्ड अखबार की स्थापना 1938 में पंडित जवाहरलाल नेहरू ने की थी। बाद में आर्थिक घाटे की वजह से 2008–2010 के बीच अखबार बंद हो गया। कांग्रेस ने इस दौरान आर्थिक सहायता दी थी।
विवाद तब शुरू हुआ जब 2012 में भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने कोर्ट में याचिका दाखिल कर आरोप लगाया कि:
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कांग्रेस ने “यंग इंडियन” नाम की नई कंपनी बनाकर
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AJL की हजारों करोड़ की संपत्ति पर अवैध कब्जा कर लिया
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पार्टी फंड का गलत तरीके से इस्तेमाल किया गया
यह मामला धीरे-धीरे बड़े वित्तीय घोटाले के आरोपों में बदल गया।
नई FIR में क्या-क्या आरोप लगाए गए?
EOW द्वारा दर्ज नई FIR, प्रवर्तन निदेशालय (ED) की शिकायत पर आधारित है। FIR के मुख्य आरोप इस प्रकार हैं:
1. 2,000 करोड़ की संपत्तियों को अवैध कब्जे में लेने की साजिश
आरोप है कि AJL की लगभग 2,000 करोड़ रुपये की संपत्तियों को नियमों के खिलाफ यंग इंडियन के नाम कर दिया गया।
2. फर्जी कंपनी से फंडिंग का आरोप
FIR में कहा गया है कि:
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कोलकाता की कथित शेल कंपनी डोटेक्स मर्चेंडाइज प्राइवेट लिमिटेड ने
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यंग इंडियन को 1 करोड़ रुपये दिए
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इस राशि का उपयोग कांग्रेस को 50 लाख रुपये बतौर भुगतान कर AJL का अधिग्रहण करने में किया गया
3. यंग इंडियन के माध्यम से नियंत्रण हासिल करना
दावा है कि इस प्रक्रिया के जरिए गांधी परिवार ने AJL में नियंत्रण प्राप्त किया।
4. तीन कंपनियों पर भी कार्रवाई
FIR में तीन कंपनियों —
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AJL
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यंग इंडियन
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डोटेक्स मर्चेंडाइज
के नाम भी शामिल हैं।
अब तक क्या-क्या हुआ?
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2014: सोनिया और राहुल गांधी सहित 6 लोगों को कोर्ट ने समन भेजा
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2022: ED ने मनी लॉन्ड्रिंग की जांच शुरू की
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2023: AJL के शेयर कुर्क किए
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2025: AJL की 661 करोड़ की संपत्तियों को खाली करने का आदेश जारी
ED की चार्जशीट पर फाइनल आदेश अब 16 दिसंबर को आना है, जो तीन बार टल चुका है।










