पटना। बिहार में राज्यसभा की पांच सीटों पर हुए चुनाव में एनडीए ने शानदार प्रदर्शन करते हुए सभी सीटों पर जीत हासिल कर ली है। मतगणना पूरी होने के बाद एनडीए के सभी उम्मीदवारों को विजयी घोषित कर दिया गया, जिसके बाद गठबंधन के कार्यकर्ताओं में उत्साह और जश्न का माहौल देखने को मिला।
इस चुनाव में विजयी उम्मीदवारों में Nitish Kumar और Ramnath Thakur (जदयू), Nitin Naveen और Shivesh Kumar (भाजपा) तथा Upendra Kushwaha (रालोमो) शामिल हैं।
पांचवीं सीट पर रोचक हुआ मुकाबला
एनडीए ने अपने 202 विधायकों के समर्थन के आधार पर पांच उम्मीदवार मैदान में उतारे थे। इनमें से चार सीटों पर उनकी जीत लगभग तय मानी जा रही थी। हालांकि पांचवीं सीट पर मुकाबला दिलचस्प हो गया जब महागठबंधन की ओर से Rashtriya Janata Dal ने Amrendra Dhari Singh को उम्मीदवार बनाया।
इससे चुनावी समीकरण बदल गया और मुकाबला कड़ा हो गया।
महागठबंधन का गणित बिगड़ा
महागठबंधन ने अपने विधायकों को एकजुट रखने के लिए कई प्रयास किए। बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष Tejashwi Yadav ने सभी विधायकों को पटना के एक होटल में ठहरने के लिए कहा था, ताकि कोई भी विधायक टूटकर दूसरी तरफ न जाए।
हालांकि चार विधायक होटल नहीं पहुंचे और मतदान के दिन कांग्रेस के तीन तथा राजद के एक विधायक वोटिंग प्रक्रिया में शामिल ही नहीं हुए। महागठबंधन को पांचवीं सीट जीतने के लिए 41 वोटों की जरूरत थी। All India Majlis-e-Ittehadul Muslimeen (AIMIM) और बसपा के समर्थन के आधार पर जीत का दावा किया जा रहा था, लेकिन चार विधायकों की अनुपस्थिति से पूरा समीकरण बदल गया और इसका फायदा एनडीए को मिल गया।
हार के बाद राजद ने लगाया आरोप
चुनाव परिणाम आने के बाद राजद विधायक कुमार सर्वजीत ने भाजपा पर धनबल के इस्तेमाल का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि अब पूरे देश को पता चल गया है कि चुनाव में कौन धनबल का उपयोग करता है। उन्होंने मतदान में शामिल न होने वाले विधायकों पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि उन्होंने जनता के साथ विश्वासघात किया है।
जदयू ने बताया बड़ी जीत
वहीं Janata Dal (United) के कार्यकारी अध्यक्ष Sanjay Jha ने इसे एनडीए की बड़ी राजनीतिक जीत बताया। उन्होंने कहा कि इस परिणाम से बिहार में एनडीए की मजबूती का स्पष्ट संदेश गया है।
संजय झा ने विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि चुनाव पूरी तरह पारदर्शी तरीके से हुआ है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर केवल 41 वोटों का बंटवारा होता, तब भी एनडीए उम्मीदवार शिवेश कुमार को 38 और महागठबंधन उम्मीदवार को 37 वोट मिलते।
उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि महागठबंधन को अपने ही विधायकों पर भरोसा नहीं था, इसलिए उन्हें होटल में ठहराया गया था।










