वाराणसी। उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती परीक्षा को लेकर लापरवाही बरतने वाले चार विद्यालयों के प्रधानाचार्यों पर जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) ने कड़ा रुख अपनाया है। डीआईओएस भोलेन्द्र प्रताप सिंह ने चारों प्रधानाचार्यों का जून माह का वेतन अगले आदेश तक रोकने के निर्देश जारी किए हैं।
जानकारी के अनुसार, आरक्षी नागरिक पुलिस एवं समकक्ष पदों पर सीधी भर्ती-2025 की लिखित परीक्षा के लिए सभी कार्यरत कार्मिकों के पहचान पत्र तैयार किए जाने थे। इसके लिए विद्यालयों को गूगल शीट का लिंक उपलब्ध कराकर संबंधित कर्मचारियों का विवरण 6 जून तक ऑनलाइन फीड करने के निर्देश दिए गए थे।
इन विद्यालयों के प्रधानाचार्यों पर कार्रवाई
निर्धारित समय सीमा के भीतर जानकारी उपलब्ध न कराने पर निम्न विद्यालयों के प्रधानाचार्यों के खिलाफ कार्रवाई की गई है—
भारत सेवक समाज इंटर कॉलेज, हथियर
मारकंडेय उच्च माध्यमिक विद्यालय, कैथी
रुक्मिणी उच्च माध्यमिक विद्यालय, बैजनत्था
राजकुमारी बालिका इंटर कॉलेज, कनियर
इन विद्यालयों की ओर से गूगल शीट पर आवश्यक विवरण अपलोड नहीं किया गया, जिसके चलते संबंधित कार्मिकों के पहचान पत्र जारी नहीं हो सके।
परीक्षा व्यवस्था पर पड़ा असर
आरक्षी नागरिक पुलिस एवं समकक्ष पदों की लिखित परीक्षा वाराणसी के 50 परीक्षा केंद्रों पर 8 जून से 10 जून तक आयोजित की जा रही है। परीक्षा में बड़ी संख्या में शिक्षकों और अन्य कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है।
अधिकारियों के अनुसार, संबंधित विद्यालयों की लापरवाही के कारण कार्मिकों के पहचान पत्र समय से नहीं बन सके, जिससे परीक्षा केंद्रों पर कक्ष निरीक्षकों की तैनाती और व्यवस्था बनाने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।
स्पष्टीकरण भी तलब
मामले को गंभीरता से लेते हुए भर्ती बोर्ड ने नाराजगी जताई है। इसके बाद डीआईओएस को निर्देश दिया गया कि संबंधित प्रधानाचार्यों का वेतन रोका जाए और उनसे साक्ष्यों सहित तत्काल स्पष्टीकरण प्राप्त किया जाए।
डीआईओएस ने चारों प्रधानाचार्यों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। अधिकारियों का कहना है कि प्राप्त स्पष्टीकरण और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
परीक्षा की निष्पक्षता और सुचारु संचालन को देखते हुए शिक्षा विभाग इस तरह की लापरवाही को गंभीरता से ले रहा है।









