बिहार की राजनीति में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बुधवार को राजभवन जाकर अपने पद से इस्तीफा दे दिया। इस्तीफे के तुरंत बाद उन्होंने राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान को एनडीए विधायकों के समर्थन का पत्र सौंपते हुए नई सरकार बनाने का दावा पेश किया।
नीतीश कुमार के इस्तीफे के साथ ही एनडीए में नेतृत्व को लेकर तस्वीर और साफ हो गई है। विधायक दल का नेता चुने जाने के बाद वे खुद राज्यपाल से मिलने पहुंचे और नई सरकार गठित करने की प्रक्रिया शुरू हुई।
एनडीए की बैठक में हुआ नेतृत्व का चयन
एनडीए विधायक दल की बैठक में नीतीश कुमार के नाम का प्रस्ताव बीजेपी नेता सम्राट चौधरी ने रखा, जिसे सर्वसम्मति से मंजूरी दी गई।
सूत्रों के मुताबिक, सम्राट चौधरी और विजय सिन्हा एक बार फिर उपमुख्यमंत्री पद संभालेंगे। बीजेपी विधायक दल ने दोनों को क्रमशः नेता और उप नेता चुना है। यही नहीं, विधानसभा अध्यक्ष का पद भी बीजेपी के हिस्से में जाने की संभावना है।
10वीं बार मुख्यमंत्री बनेंगे नीतीश कुमार
JDU विधायक दल की बैठक में भी सर्वसम्मति से नीतीश कुमार को नेता चुना गया। गुरुवार (20 नवंबर) को पटना के गांधी मैदान में शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया जाएगा, जहां नीतीश कुमार 10वीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे।
शपथ ग्रहण समारोह की तैयारियों का नीतीश कुमार ने खुद मंगलवार (18 नवंबर) को गांधी मैदान जाकर निरीक्षण किया था। आयोजन को लेकर सरकार और एनडीए खेमे में खासा उत्साह देखा जा रहा है।
बिहार चुनाव में एनडीए की बड़ी जीत
हाल ही में संपन्न हुए बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए ने शानदार जीत दर्ज की है। कुल 243 सीटों में से एनडीए ने 202 सीटें अपने नाम कीं।
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बीजेपी: 89 सीटें
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जेडीयू: 85 सीटें
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एलजेपी (आर): 19 सीटें
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हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा: 5 सीटें
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आरएलएम: 4 सीटें
दूसरी ओर महागठबंधन को करारी हार का सामना करना पड़ा और गठबंधन सिर्फ 35 सीटों पर सिमट गया।










