कफ सिरप तस्करी मामले में गिरफ्तार आरोपी अमित सिंह टाटा के राजनीतिक संपर्कों को लेकर नए सवाल खड़े हो रहे हैं। गिरफ्तारी के बाद से ही उसकी कई नेताओं के साथ तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं। इन तस्वीरों में जौनपुर के पूर्व सांसद धनंजय सिंह के साथ-साथ उनकी कुछ तस्वीरें सुभासपा प्रमुख ओम प्रकाश राजभर (ओपी राजभर) के साथ भी सामने आई हैं। इन वायरल फोटोज़ के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चाओं का दौर तेज है। इसी बीच ओपी राजभर ने इस मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रिया दी है।
एक तस्वीर से किसी पर निष्कर्ष निकालना उचित नहीं..
विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए ओपी राजभर ने कहा कि किसी एक फोटो के आधार पर किसी व्यक्ति के बारे में धारणा बनाना गलत है। उन्होंने कहा, हम नेता लोग हैं, रोज़ अलग-अलग प्रकार के लोग मिलते हैं और फोटो खिंचवाते हैं। इससे किसी की नीयत या चरित्र का निर्धारण नहीं हो जाता। इस मामले में निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और जो भी दोषी है, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई हो।”
राजभर ने साफ कहा कि कानून अपना काम करेगा और यदि आरोपी किसी अवैध गतिविधि में शामिल पाया जाता है तो उसे बख्शा नहीं जाना चाहिए।
SIR प्रक्रिया पर विपक्ष को घेरा
विपक्ष द्वारा SIR (Special Intensive Revision) अभियान पर लगाए जा रहे आरोपों पर ओपी राजभर ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि विपक्ष बिना तथ्य के भ्रम फैलाने में जुटा है।
ओपी राजभर ने कहा, विपक्ष झूठ का पुलिंदा फैला रहा है। SIR प्रक्रिया बिल्कुल पारदर्शी और सही ढंग से चल रही है। केवल उन्हीं लोगों के नाम हटाए जा रहे हैं, जो अब इस दुनिया में नहीं हैं।”
SIR फॉर्म का उद्देश्य बताया
ओपी राजभर ने आगे कहा कि SIR प्रक्रिया देश में रह रहे घुसपैठियों की पहचान और वास्तविक नागरिकों को सरकारी सुविधाओं का सही लाभ दिलाने में मददगार है। उन्होंने बताया कि प्रशासन बूथ स्तर पर लगातार निगरानी कर रहा है और प्रक्रिया पूरी तरह सुव्यवस्थित तरीके से चल रही है।
राजभर ने दावा किया कि लोगों को भ्रमित करने की कोशिशें नाकाम होंगी और अभियान निर्धारित नियमों के अनुसार आगे बढ़ेगा।










