कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने रविवार को चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार पर कड़ा हमला बोला। खेड़ा ने आरोप लगाया कि आयोग ने उनके गंभीर सवालों का कोई ठोस जवाब नहीं दिया।
महादेवपुरा के एक लाख वोटरों पर क्यों चुप हैं CEC?
बिहार के सासाराम दौरे पर पहुंचे पवन खेड़ा ने कहा, “हमने कर्नाटक के महादेवपुरा विधानसभा के लगभग 1 लाख मतदाताओं से जुड़ा मुद्दा उठाया था, लेकिन CEC ने इस पर एक शब्द भी नहीं कहा। जब आप किसी को सीसीटीवी फुटेज देने वाले ही नहीं हैं, तो फिर उसे रिकॉर्ड क्यों किया जाता है?”
उन्होंने आरोप लगाया कि महाराष्ट्र विधानसभा से जुड़े सीसीटीवी फुटेज की मांग पर CEC का यह कहना कि 45 दिन बाद फुटेज देना ‘प्राइवेसी का उल्लंघन’ है, बेहद हास्यास्पद है।
पीएम मोदी पर भी निशाना
खेड़ा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री संवैधानिक पद पर बैठकर भी सीधे सवालों से बच रहे हैं। वे ठोस जवाब देने के बजाय सिर्फ भाषणबाज़ी करते हैं। इससे साफ है कि बहुत कुछ छिपाया जा रहा है।”
“डिजिटल वोटर लिस्ट अनुराग ठाकुर को मिली, हमें क्यों नहीं?”
कांग्रेस नेता ने सवाल उठाया कि जब अनुराग ठाकुर को छह लोकसभा क्षेत्रों की डिजिटल वोटर लिस्ट मिल सकती है तो कांग्रेस को क्यों नहीं दी गई? “अगर डिजिटल वोटर लिस्ट साझा करने से मतदाताओं की निजता भंग होती है, तो अनुराग ठाकुर को यह कैसे दी गई? और अगर 45 दिन बाद सीसीटीवी फुटेज देने से निजता पर असर पड़ता है, तो पहले 45 दिन में निजता कैसे सुरक्षित रहती है?”
“CEC की प्रेस कॉन्फ्रेंस में झलक रही थी भाजपा”
पवन खेड़ा ने प्रेस वार्ता पर तंज कसते हुए कहा, “आज उनकी प्रेस कॉन्फ्रेंस सुनकर ऐसा लगा जैसे भाजपा का कोई प्रवक्ता बोल रहा हो। आंख बंद करके सुनो तो फर्क ही नहीं लगेगा।”
उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग का काम निष्पक्षता से जवाब देना है, न कि जिम्मेदारी टालना। “बीएलओ से पूछने को कहा जाता है, लेकिन महादेवपुरा का जवाब कौन देगा? आप मुख्य चुनाव आयुक्त हैं, अपनी जिम्मेदारी निभाइए।”










