PM Modi ने किया सेवा तीर्थ और कर्तव्य भवन का उद्घाटन, बोले- पुरानी इमारतें गुलामी की प्रतीक थीं…

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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री Narendra Modi ने शुक्रवार को ‘सेवा तीर्थ’ और कर्तव्य भवन-1 एवं 2 का उद्घाटन किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि देश एक नए इतिहास का साक्षी बन रहा है और यह दिन भारत की विकास यात्रा में नए अध्याय की शुरुआत है।

उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि साउथ ब्लॉक और नॉर्थ ब्लॉक जैसी इमारतें ब्रिटिश राज का प्रतीक थीं। उन्होंने कहा कि आज देश गुलामी के प्रतीकों से आगे बढ़ते हुए नई पहचान गढ़ रहा है। “राजपथ आज कर्तव्य पथ बन चुका है, मुगल गार्डन अब अमृत उद्यान कहलाता है और पुराने संसद भवन को संविधान भवन के रूप में नई पहचान मिली है,” उन्होंने कहा।

‘विकसित भारत’ के संकल्प के साथ नई शुरुआत

प्रधानमंत्री ने कहा कि 13 फरवरी का दिन भारत की विकास यात्रा में नई ऊर्जा लेकर आया है। उन्होंने इसे विक्रम संवत् 2082, फाल्गुन कृष्ण पक्ष की विजया एकादशी का शुभ अवसर बताते हुए कहा कि इस दिन लिया गया संकल्प सफलता की ओर ले जाता है।

उन्होंने कहा, “आज जब भारत रिफॉर्म एक्सप्रेस पर सवार है और नए-नए ट्रेड एग्रीमेंट संभावनाओं के द्वार खोल रहे हैं, तब सेवा तीर्थ और कर्तव्य भवन देश के लक्ष्यों को हासिल करने में बड़ी भूमिका निभाएंगे।”

पुराने भवन बनेंगे संग्रहालय

प्रधानमंत्री ने कहा कि आजादी के बाद साउथ और नॉर्थ ब्लॉक से कई ऐतिहासिक फैसले लिए गए, जिन्होंने देश को नई दिशा दी। उन्होंने बताया कि इन ऐतिहासिक इमारतों को देश के लिए समर्पित संग्रहालय (म्यूजियम) में बदला जाएगा, ताकि आने वाली पीढ़ियां भारत के प्रशासनिक और लोकतांत्रिक इतिहास को करीब से समझ सकें।

क्या है ‘सेवा तीर्थ’?

‘सेवा तीर्थ’ का अर्थ है ‘सेवा का स्थान’। पहले इसे ‘एग्जीक्यूटिव एन्क्लेव’ नाम दिया गया था, लेकिन 2 दिसंबर 2025 को इसका नाम बदलकर सेवा तीर्थ कर दिया गया। यह नई दिल्ली के दारा शिकोह रोड स्थित परिसर में बना है।

इस परिसर में प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO), नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल सेक्रेटेरिएट और कैबिनेट सेक्रेटेरिएट को स्थान दिया गया है।

वहीं कर्तव्य भवन-1 और 2 में वित्त मंत्रालय, रक्षा मंत्रालय, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, कॉरपोरेट मामलों का मंत्रालय, शिक्षा मंत्रालय, संस्कृति मंत्रालय, विधि एवं न्याय मंत्रालय, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय और जनजातीय कार्य मंत्रालय सहित कई प्रमुख मंत्रालयों के कार्यालय स्थापित किए गए हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि यह परिवर्तन केवल भवनों का नहीं, बल्कि भारत की सोच और आत्मविश्वास का भी प्रतीक है।

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Author: News Rastra

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