नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान कांग्रेस पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने कहा कि कांग्रेस आज भी यह स्वीकार नहीं कर पा रही है कि एक सामान्य पृष्ठभूमि से आया व्यक्ति देश का प्रधानमंत्री कैसे बन गया और इतने वर्षों तक टिका कैसे रहा। पीएम मोदी ने कहा, “कांग्रेस खुद को मोहब्बत की दुकान बताती है, लेकिन अब उसी दुकान से ‘मोदी तेरी कब्र खुदेगी’ जैसे नारे सुनाई दे रहे हैं। यह नारा नहीं, उनके मन की नफरत का भाव है।”
‘कब्र खोदने की बात क्या संविधान का अपमान नहीं?’
प्रधानमंत्री ने सवाल उठाते हुए कहा कि किसी लोकतांत्रिक देश में एक निर्वाचित प्रधानमंत्री के लिए इस तरह की भाषा क्या संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों का अपमान नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार विकसित भारत की नींव रख रही है, जबकि कांग्रेस ‘कब्र खोदने’ के कार्यक्रम चला रही है।
पीएम मोदी ने गिनाईं कांग्रेस की नाराज़गी की वजहें
पीएम मोदी ने कांग्रेस के रवैये के पीछे सात बड़ी वजहें गिनाईं—
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सिंधु जल समझौता: उन्होंने कहा कि नेहरू जी ने सिंधु जल समझौता करके देश के साथ अन्याय किया था। उनकी सरकार ने उस समझौते को एबेंस में डाला, इसलिए कांग्रेस नाराज़ है।
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प्रधानमंत्री पद को जागीर समझना: कांग्रेस को यह हजम नहीं हो रहा कि मोदी प्रधानमंत्री कैसे बने और बने तो टिक कैसे गए।
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स्टार्टअप कल्चर: कांग्रेस ने कभी स्टार्टअप को बढ़ावा नहीं दिया, जबकि मौजूदा सरकार ने दो लाख से ज्यादा स्टार्टअप्स को समर्थन दिया।
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सेना का सशक्तिकरण: पहले सेना के पास जरूरी संसाधनों की कमी थी, आज जवानों के लिए खजाना खोला गया है।
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अनुच्छेद 370: जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटाने से कांग्रेस को परेशानी है।
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नॉर्थ ईस्ट और आतंकवाद: नॉर्थ ईस्ट में शांति और आतंकियों को घर में घुसकर जवाब देने की नीति से विपक्ष असहज है।
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आतंक और माओवाद के खिलाफ कार्रवाई: ‘ऑपरेशन सिंदूर’ और माओवादी हिंसा पर सख्ती से भी कांग्रेस बेचैन है।
‘25 साल से संसद में गालियां खा रहा हूं’
प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले 25 वर्षों में संसद का कोई ऐसा सत्र नहीं गया, जिसमें उन्हें गाली न दी गई हो। “मुझसे किसी ने स्वास्थ्य का राज पूछा था, मैंने कहा—दो किलो गाली खाता हूं,” पीएम मोदी ने व्यंग्य करते हुए कहा।
आर्थिक असमानता पर कांग्रेस को घेरा
पीएम मोदी ने कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा कि जो लोग खुद को ‘राजा’ समझते हैं, वही आज आर्थिक असमानता की बात कर रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि जब राजशाही मानसिकता रखने वाले लोग असमानता पर भाषण देते हैं, तो देश कैसे भरोसा करे।
प्रधानमंत्री के इस बयान के बाद सदन में राजनीतिक माहौल और गरमा गया, वहीं उनके समर्थकों ने इसे कांग्रेस की राजनीति पर करारा प्रहार बताया।










