महाराष्ट्र की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। बीजेपी और शिंदे गुट के बीच तनाव की खबरों के बीच हिंगोली जिले से बड़ी सियासी हलचल सामने आई है। यहां शिवसेना (शिंदे गुट) के विधायक संतोष बांगर के निवास पर बुधवार तड़के पुलिस ने छापेमारी की, जिसके बाद राजनीतिक बयानबाज़ी तेज हो गई है। शिंदे गुट ने आरोप लगाया कि यह कार्रवाई “जानबूझकर रची गई साजिश” का हिस्सा है।
100 पुलिसकर्मियों ने की तलाशी
शिवसेना गुट का दावा है कि कलमनुरी विधानसभा क्षेत्र के विधायक संतोष बांगर के घर पर करीब 100 पुलिसकर्मियों ने अचानक तलाशी ली। यह छापा ऐसे समय हुआ है जब हिंगोली नगर परिषद और नगर पंचायतों में चुनावी माहौल चरम पर है।
इससे पहले, शिंदे गुट के ही विधायक निलेश राणे ने बीजेपी कार्यकर्ता के घर रेड की थी, जिसके बाद से दोनों दलों के बीच तनाव बढ़ा हुआ है।
शिंदे गुट ने BJP पर लगाया दबाव का आरोप
एबीपी माझा की रिपोर्ट के अनुसार, शिंदे गुट के विधायक हेमंत पाटिल ने गंभीर आरोप लगाया कि यह पुलिस रेड बीजेपी विधायक के दबाव में कराई गई है। उन्होंने कहा कि डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे मामले को लेकर गंभीर हैं और वे इसे मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के सामने उठाएंगे।
सुबह 5 बजे हुई छापेमारी
विधायक हेमंत पाटिल ने बताया कि विधायक संतोष बांगर और बीजेपी विधायक तानाजी मुटकुले हिंगोली नगर पालिका चुनाव को लेकर आमने-सामने हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि—
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पुलिस ने सुबह 5 बजे रेड की
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विधायक की 75 वर्षीय बीमार मां को परेशान किया गया
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रेड की गंभीरता और तीव्रता वैसी थी जैसे किसी आतंकवादी या गैंगस्टर पर कार्रवाई हो रही हो
स्पीकर की अनुमति जरूरी थी– शिंदे गुट
हेमंत पाटिल ने दावा किया कि विधायक के घर रेड करने से पहले विधानसभा स्पीकर की अनुमति लेना ज़रूरी होता है, लेकिन कोई ऑर्डर जारी नहीं हुआ। न ही कोई ईमेल प्राप्त हुआ उन्होंने सवाल उठाया कि फिर यह कार्रवाई किसके आदेश पर हुई?
यह छापेमारी राज्य की पहले से गर्म राजनीति में नया मोड़ जोड़ती है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा महाराष्ट्र की सियासी हलचल को और तेज कर सकता है।










