गाजियाबाद। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने रविवार को गाजियाबाद के इंदिरापुरम स्थित यशोदा मेडिसिटी का भव्य उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने संस्थान के आधुनिक चिकित्सा ढांचे और जनसेवा की भावना की सराहना करते हुए कहा कि, “स्वास्थ्य सेवा किसी भी राष्ट्र के निर्माण की आधारशिला है। मेडिकल रिस्पॉन्सिबिलिटी के साथ सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी निभाना निजी संस्थानों की प्राथमिकता होनी चाहिए।”
‘स्वदेशी संस्कार’ और सेवा भावना की सराहना
राष्ट्रपति ने कहा कि यशोदा मेडिसिटी का नाम भारतीय संस्कृति और स्वदेशी भावनाओं का प्रतीक है। अस्पताल को ‘माता यशोदा’ के नाम पर समर्पित करना भारतीय संस्कारों और समाज सेवा की भावना को दर्शाता है।
उन्होंने अस्पताल के चेयरमैन डॉ. पी.एन. अरोड़ा की प्रशंसा करते हुए कहा कि उन्होंने “सेल्फ-मेड हेल्थकेयर मिशन” के तहत ऐसा संस्थान खड़ा किया है जो देश के हर नागरिक को सुलभ और विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं देने की दिशा में काम कर रहा है।
कैंसर जीन थैरेपी और सिकल सेल एनीमिया पर फोकस
राष्ट्रपति मुर्मु ने अस्पताल से आग्रह किया कि वह कैंसर की जीन थैरेपी जैसी स्वदेशी तकनीकों पर अनुसंधान को बढ़ावा दे और आईआईटी बॉम्बे जैसे प्रमुख संस्थानों के साथ सहयोग करे। उन्होंने कहा कि अस्पताल को सिकल सेल एनीमिया जैसी जनजातीय क्षेत्रों में पाई जाने वाली बीमारियों पर भी विशेष ध्यान देना चाहिए।
कोविड काल में सराहनीय भूमिका
राष्ट्रपति ने कोविड महामारी के दौरान यशोदा मेडिसिटी की भूमिका की सराहना की। उन्होंने बताया कि यह अस्पताल ‘सिस्टम फॉर टीबी एलिमिनेशन इन प्राइवेट सेक्टर (STEPS)’ मॉडल लागू करने वाला उत्तर भारत का पहला केंद्र रहा है। टीबी उन्मूलन और महामारी के समय मरीजों के उपचार में संस्थान ने महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
अफोर्डेबल हेल्थ सर्विस टू ऑल” का लक्ष्य
राष्ट्रपति ने कहा कि भारत तेजी से आगे बढ़ रहा है, लेकिन विकास तभी संभव है जब हर नागरिक स्वस्थ हो। उन्होंने उम्मीद जताई कि यशोदा मेडिसिटी “Affordable World-Class Health Service to All” के अपने मिशन को पूरा करते हुए समाज के हर वर्ग तक गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवाएं पहुंचाएगा। उन्होंने कहा कि निजी स्वास्थ्य संस्थान राष्ट्र के विकास में अमूल्य सहयोग दे सकते हैं।
समारोह में शामिल हुए
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, रक्षामंत्री राजनाथ सिंह, उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल, और यशोदा मेडिसिटी के चेयरमैन डॉ. पी.एन. अरोड़ा, सीईओ डॉ. उपासना अरोड़ा सहित कई वरिष्ठ अधिकारी और अतिथि मौजूद रहे।
विशेष शॉल और शंख से हुआ स्वागत
समारोह में आए सभी अतिथियों का स्वागत डॉ. पी.एन. अरोड़ा ने विशेष रेशमी शॉल, शंख और स्मृति चिह्न देकर किया।
इन शॉलों पर रामायण के दृश्य बारीकी से उकेरे गए थे, जिन्हें कारीगरों ने एक वर्ष की मेहनत से तैयार किया।










