वाराणसी। जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में विकास प्राथमिकता से जुड़े 37 बिंदुओं पर समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में डीएम ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि विकास कार्यों में किसी भी तरह की लापरवाही या उदासीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि कार्यों की गुणवत्ता या प्रगति में कमी पाई गई तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
जिलाधिकारी ने विभिन्न विभागों की योजनाओं की बिंदुवार समीक्षा की। इसमें फैमिली आईडी, पीएम पोषण (विद्यालय निरीक्षण), दशमोत्तर छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति योजना, आयुष्मान कार्ड, पशुधन विभाग, टीकाकरण, ऑपरेशन कायाकल्प, प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी), एनआरएलएम, मनरेगा, मुख्यमंत्री आवास योजना, सामूहिक विवाह योजना, शादी अनुदान, आंगनबाड़ी पोषण अभियान, कौशल विकास मिशन सहित अन्य जनकल्याणकारी योजनाएं शामिल रहीं।
डीएम ने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने विभागों में नियमित समीक्षा करते हुए तय समयसीमा के भीतर कार्य पूर्ण कराएं। उन्होंने कहा कि जनकल्याणकारी योजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर लागू कर पात्र लाभार्थियों तक लाभ तेजी से पहुंचाया जाए और किसी भी स्तर पर शिथिलता न बरती जाए।

बैठक में नई सड़कों के निर्माण और सड़कों के अनुरक्षण कार्यों में लक्ष्य के अनुरूप प्रगति लाने के निर्देश दिए गए। सेतु निगम को निर्माणाधीन पुलों के कार्य में तेजी लाने को कहा गया। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत ऑनलाइन आवेदन के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश भी दिए गए।
स्वास्थ्य विभाग को आयुष्मान कार्ड निर्माण के साथ-साथ परिवार नियोजन कार्यक्रम में भी प्रगति लाने के निर्देश दिए गए। वहीं प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत अधिक से अधिक किसानों की केवाईसी प्रक्रिया समय पर पूरी कराने पर जोर दिया गया।
जिलाधिकारी ने आईजीआरएस से जुड़ी शिकायतों के निस्तारण को लेकर भी सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी शिकायतों का निस्तारण निर्धारित समयसीमा में किया जाए और निस्तारण की गुणवत्ता में किसी प्रकार की कमी नहीं होनी चाहिए।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी प्रखर कुमार सिंह सहित जिले के सभी संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।










