मुंगेर। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को मुंगेर में आयोजित एक जनसभा में विपक्ष पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि बिहार का यह चुनाव किसी व्यक्ति को मुख्यमंत्री बनाने का नहीं, बल्कि लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी के ‘जंगलराज’ से राज्य को बचाने का चुनाव है।
अमित शाह ने कहा, “लालू और राबड़ी ने वर्षों तक बिहार में अपराध, भ्रष्टाचार और अराजकता का माहौल बनाए रखा था। 2005 में जनता ने उस जंगलराज को उखाड़ फेंककर नीतीश कुमार के नेतृत्व में सुशासन को चुना था।”
उन्होंने चेतावनी दी कि अगर लालू-राबड़ी की सरकार फिर सत्ता में आई, तो एक बार फिर वही हालात लौट आएंगे। “लेकिन अगर मोदी जी और नीतीश जी की जोड़ी रही, तो बिहार में विकास का सिलसिला जारी रहेगा,” शाह ने कहा। उन्होंने आगे जोड़ा कि एनडीए के पांचों सहयोगी दल ‘पंच पांडवों’ की तरह एकजुट हैं, जबकि महागठबंधन के दल आपसी कलह में उलझे हुए हैं।
“एनडीए ने बिहार को नक्सलवाद से मुक्त कराया”
गृह मंत्री ने कहा कि लालू-राबड़ी के शासन में हत्या, अपहरण, डकैती और नरसंहार आम बात थी। “उन दिनों उद्योग-धंधे बिहार से पलायन कर गए, और राज्य को पिछड़ेपन की ओर धकेल दिया गया। लेकिन नीतीश बाबू के नेतृत्व में एनडीए ने बिहार को उस अंधकार से बाहर निकाला, परिवारवाद को खत्म किया और नक्सलवाद से राज्य को मुक्त कराया।”
“राम मंदिर बना, अब सीतामढ़ी में सीता मंदिर का निर्माण”
अमित शाह ने विपक्षी दलों पर धार्मिक विरोध का आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस, सपा, बसपा, ममता और लालू यादव ने राम मंदिर निर्माण का हमेशा विरोध किया। “550 साल तक भगवान रामलला तंबू में रहे, लेकिन मोदी जी ने अयोध्या में भव्य राम मंदिर बनवाया। अब सीतामढ़ी में भी 850 करोड़ रुपये की लागत से माता सीता का विशाल मंदिर बन रहा है,” उन्होंने कहा।
शाह ने अंत में कहा कि बिहार की जनता ने 2019 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भरोसा जताया था और अब फिर से विकास, सुरक्षा और सम्मान के लिए एनडीए को समर्थन देना चाहिए।










