मणिकर्णिका ध्वस्तीकरण को लेकर संजय सिंह का BJP पर हमला, बोले- AI वीडियो नहीं, जमीनी सच है

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वाराणसी। मणिकर्णिका घाट पर कथित ध्वस्तीकरण को लेकर आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने भाजपा और प्रशासन पर तीखा प्रहार किया है। उन्होंने साफ कहा कि अहिल्याबाई की प्रतिमा और मड़ी तोड़े जाने से जुड़ा वीडियो किसी AI तकनीक से नहीं बनाया गया, बल्कि यह वही वास्तविक दृश्य हैं, जिन्हें मौके पर मौजूद स्थानीय लोगों और साधु-संतों ने रिकॉर्ड किया था। उन्हीं वीडियो को उन्होंने सोशल मीडिया पर साझा कर इस कार्रवाई के खिलाफ आवाज उठाई।

संजय सिंह ने कहा कि मणिकर्णिका घाट पर हुई इस कार्रवाई से करोड़ों हिंदुओं की आस्था को गहरी ठेस पहुंची है और यही इस पूरे मामले का असली मुद्दा है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या भाजपा ने धर्म का ठेका ले रखा है? अगर मंदिर, प्रतिमाएं और धार्मिक आस्थाओं से जुड़े प्रतीक तोड़े जाएंगे, तो क्या कोई सवाल भी नहीं करेगा?

काशी कॉरिडोर के नाम पर मंदिर तोड़ने का आरोप

उन्होंने काशी कॉरिडोर का जिक्र करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम पर कितने पुराने मंदिरों और धार्मिक संरचनाओं को ध्वस्त किया गया, इसका जवाब भाजपा और सरकार को देना चाहिए। संजय सिंह ने दावा किया कि लंका थाने में आज भी टूटे हुए शिवलिंग पड़े हैं, जो प्रशासन की संवेदनहीनता और लापरवाही को उजागर करते हैं।

मुकदमों से डरने वाले नहीं

अपने खिलाफ दर्ज मुकदमों पर प्रतिक्रिया देते हुए सांसद ने कहा कि भाजपा अब तक उनके खिलाफ 50 से अधिक मुकदमे दर्ज करा चुकी है। उन्होंने कहा कि उनके ऊपर मुकदमा होना कोई नई या बड़ी बात नहीं है, लेकिन मणिकर्णिका घाट पर जो हुआ, वही असली सवाल और चिंता का विषय है।

AI वीडियो के आरोपों को बताया गलत

AI से वीडियो बनाए जाने के आरोपों को खारिज करते हुए संजय सिंह ने कहा कि यह पूरी तरह से गलत और भ्रामक प्रचार है। उन्होंने दोहराया कि सोशल मीडिया पर साझा किया गया वीडियो वास्तविक है और उसे स्थानीय लोगों ने मौके पर बनाकर साझा किया था।

संत समाज के अपमान का आरोप

इसके साथ ही माघ मेले के दौरान ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद और पुलिस प्रशासन के बीच हुई नोकझोंक पर भी संजय सिंह ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि जिस तरह साधु-संतों के बाल पकड़कर उन्हें घसीटा गया, उसका कोई भी सभ्य समाज समर्थन नहीं कर सकता। इसे उन्होंने सनातन परंपरा और संत समाज का अपमान बताया।

संजय सिंह ने चेतावनी दी कि धार्मिक आस्था से जुड़े मुद्दों पर सरकार और प्रशासन को संवेदनशील रवैया अपनाना चाहिए, नहीं तो इसका विरोध और तेज होगा।

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Author: News Rastra

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