वाराणसी: श्रावण मास का पावन माह काशीवासियों और श्रद्धालुओं के लिए आस्था और उल्लास का संगम लेकर आया है। इस बार 4 अगस्त, सोमवार को श्रावण के अंतिम सोमवार पर श्री काशी विश्वनाथ धाम में भगवान शिव का विशेष रुद्राक्ष श्रृंगार किया जाएगा। शाम की आरती के दौरान भक्तों को महादेव के इस अद्भुत और दिव्य रूप के दर्शन का सौभाग्य प्राप्त होगा।
श्रावण में बाबा के अद्वितीय श्रृंगार
श्रावण मास के प्रत्येक सोमवार को श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में भगवान शिव का भव्य श्रृंगार किया जाता है। इस वर्ष:
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पहले सोमवार को चल प्रतिमा स्वरूप,
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दूसरे सोमवार को गौरी-शंकर,
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तीसरे सोमवार को अर्धनारीश्वर रूप में दर्शन दिए गए।
मंदिर न्यास के मुख्य कार्यपालक अधिकारी विश्व भूषण मिश्र ने जानकारी दी कि चौथे और अंतिम सोमवार को बाबा का रुद्राक्ष श्रृंगार भक्तों के लिए विशेष आकर्षण होगा।
झूला श्रृंगार की भव्यता 9 अगस्त को
श्रावण पूर्णिमा के दिन, 9 अगस्त को बाबा का वार्षिक झूला श्रृंगार होगा। यह विशेष श्रृंगार हर साल श्रावण के समापन पर किया जाता है और भक्तों को शिव के एक और दिव्य रूप के दर्शन कराता है।
श्रद्धालुओं के लिए प्रशासनिक तैयारी
श्रावण में शिवभक्तों की भीड़ को देखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने व्यापक इंतजाम किए हैं।
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गंगा के जलस्तर में वृद्धि के कारण घाटों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है।
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मैदागिन से गोदौलिया तक नो व्हीकल ज़ोन लागू किया गया है।
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वृद्धजनों और दिव्यांगों के लिए फ्री गोल्फ कार्ट सेवा भी उपलब्ध कराई गई है।
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मंदिर मार्गों पर पुलिस बल की अतिरिक्त तैनाती कर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।
रविवार रात से ही लगी कतारें
श्रद्धालु रविवार रात से ही बाबा के दर्शन के लिए मंदिर मार्ग पर जुटने लगे हैं। हर सोमवार को भक्तों के लिए शिव के विभिन्न रूपों के दर्शन एक आध्यात्मिक उत्सव जैसा अनुभव कराते हैं। इस बार रुद्राक्ष श्रृंगार और झूला दर्शन के साथ सावन का यह समापन भक्तों के लिए अविस्मरणीय बन जाएगा।










