वाराणसी। महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर काशी पहुंचने वाले लाखों शिवभक्तों के लिए बड़ी राहत की खबर है। इस बार श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर के कपाट लगातार 26 घंटे तक खुले रहेंगे, ताकि श्रद्धालुओं को बिना किसी असुविधा के बाबा विश्वनाथ के दर्शन हो सकें। मंदिर प्रशासन का अनुमान है कि इस वर्ष 10 लाख से अधिक श्रद्धालु महाशिवरात्रि पर काशी पहुंच सकते हैं।
महाशिवरात्रि पर्व 15 फरवरी को मनाया जाएगा। मंदिर न्यास के अनुसार, 15 फरवरी की सुबह 4 बजे मंगला आरती के बाद मंदिर आम श्रद्धालुओं के लिए खोल दिया जाएगा, जो 16 फरवरी की सुबह 6 बजे तक लगातार खुला रहेगा। इस दौरान श्रद्धालु झांकी दर्शन के साथ बाबा को जलार्पण कर सकेंगे।
14 से 17 फरवरी तक स्पर्श दर्शन बंद
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ और सुचारु व्यवस्था को देखते हुए काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास ने 14 फरवरी से 17 फरवरी तक स्पर्श दर्शन, सुगम दर्शन और वीवीआईपी प्रोटोकॉल के तहत होने वाले सभी विशेष दर्शन पर रोक लगाने का फैसला किया है। न्यास का कहना है कि इससे देश-विदेश से आने वाले सभी भक्तों को समान अवसर पर दर्शन मिल सकेगा।
चार पहर होगी विशेष आरती, सजेंगी झांकियां
महाशिवरात्रि के दिन बाबा विश्वनाथ की चारों पहर विशेष आरती की जाएगी। मंगला और भोग आरती के साथ इस बार सप्तर्षि और शयन आरती के स्थान पर अलग-अलग चार पहर में विशेष अनुष्ठान होंगे। इसके अलावा भगवान शिव के जीवन प्रसंगों पर आधारित विशेष झांकियां भी श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए सजाई जाएंगी।
प्रवेश और निकास की तय व्यवस्था
मंदिर प्रशासन के अनुसार श्रद्धालु जिस द्वार से प्रवेश करेंगे, उसी द्वार से बाहर निकलेंगे।
गंगा द्वार: गंगा स्नान कर आने वाले श्रद्धालु
ढुंढिराज गणेश द्वार: दशाश्वमेध घाट की ओर से आने वाले
सरस्वती द्वार: गोदौलिया-बांसफाटक मार्ग से आने वाले नंदी द्वार मैदागिन और गोदौलिया की ओर से आने वाले श्रद्धालु
बाबा का विवाहोत्सव भी होगा
15 फरवरी की रात मंदिर परिसर में करीब आठ घंटे तक बाबा विश्वनाथ का विवाहोत्सव संपन्न होगा। इस दौरान श्रृंगार पूजन के साथ पारंपरिक वैवाहिक रस्में निभाई जाएंगी।
श्रद्धालुओं के लिए जरूरी निर्देश
* मंदिर परिसर में प्रसाद चढ़ाने की अनुमति नहीं होगी
* जल, दूध और फूल लंबी ट्रे के माध्यम से गर्भगृह के बाहर से अर्पित किए जाएंगे
* मोबाइल फोन, जूते-चप्पल, पेन, पान-मसाला आदि अंदर ले जाना प्रतिबंधित रहेगा
* प्रसाद मंदिर परिसर में ही उपलब्ध रहेगा
एयरपोर्ट और स्टेशन से धाम तक कैसे पहुंचें
बाबतपुर एयरपोर्ट या रेलवे स्टेशन से श्रद्धालु कार या ऑटो से बेनियाबाग तिराहा तक पहुंच सकेंगे। यहां वाहनों की पार्किंग की व्यवस्था होगी। इसके बाद करीब 1.5 किलोमीटर पैदल चलकर गोदौलिया चौराहा होते हुए काशी विश्वनाथ धाम पहुंचा जा सकेगा।
गंगा स्नान की व्यवस्था
श्रद्धालु दशाश्वमेध घाट, असि घाट, तुलसी घाट, केदार घाट और भदैनी घाट पर गंगा स्नान कर सकते हैं।
महाशिवरात्रि पर काशी में उमड़ने वाली आस्था की इस विराट धारा को देखते हुए प्रशासन और मंदिर न्यास ने सुरक्षा और सुविधा के व्यापक इंतजाम किए हैं, ताकि हर भक्त को बाबा विश्वनाथ
के दर्शन सहज और सुरक्षित रूप से मिल सकें।










