केंद्रीय कैबिनेट के तीन बड़े फैसले: पहली डिजिटल जनगणना, कोल सेक्टर में बड़ा सुधार और किसानों के लिए बढ़ा MSP

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में शुक्रवार को केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में तीन अहम फैसले लिए गए। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने प्रेस ब्रीफिंग में बताया कि कैबिनेट ने सेंसस 2027, कोल सेक्टर रिफॉर्म और किसानों से जुड़े महत्वपूर्ण प्रस्ताव को मंजूरी दी है।

2027 में होगी देश की पहली डिजिटल जनगणना

अश्विनी वैष्णव ने बताया कि 2027 की जनगणना पूरी तरह डिजिटल होगी। इसके लिए 11,718 करोड़ रुपए का बजट पास किया गया है। जनगणना दो चरणों में की जाएगी—

  1. हाउस लिस्टिंग और हाउसिंग सेंसस – 1 अप्रैल से सितंबर 2026 तक

  2. जनसंख्या गणना – फरवरी 2027

डिजिटल डाटा मोबाइल ऐप के जरिए इकट्ठा किया जाएगा, जो हिंदी, अंग्रेजी और सभी क्षेत्रीय भाषाओं में उपलब्ध होगा। उन्होंने कहा कि जनगणना के डिजिटल डिज़ाइन में डेटा सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई है।

जाति बताना अनिवार्य नहीं होगा

केंद्रीय मंत्री ने स्पष्ट किया कि जनगणना में जाति बताना जरूरी नहीं है। सिर्फ एग्रीगेटेड डेटा सार्वजनिक किया जाएगा, माइक्रो डेटा जारी नहीं होगा।

कोयला क्षेत्र में बड़ा बदलाव: ‘कोल सेतु’ को मंजूरी

कैबिनेट ने कोल सेक्टर में बड़ा रिफॉर्म करते हुए नई नीलामी व्यवस्था कोल सेतु को मंजूरी दी।
अश्विनी वैष्णव ने बताया—

  • भारत कोयले के उत्पादन में आत्मनिर्भर बनने की ओर बढ़ रहा है।

  • इंपोर्टेड कोल पर निर्भरता कम होने से 60,000 करोड़ रुपए की बचत होगी।

  • 2024-25 में कोयला उत्पादन 1 बिलियन टन पहुंच चुका है।

  • घरेलू पावर प्लांट्स में रिकॉर्ड स्तर का कोल स्टॉक उपलब्ध है।

उन्होंने कहा कि रेल और कोल सेक्टर मिलकर देश की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

किसानों के लिए बड़ी राहत: MSP में बढ़ोतरी

किसानों से जुड़े बड़े फैसले में सरकार ने खोपरा (कॉपरा) के MSP में बढ़ोतरी की है—

  • पिसाई वाला खोपरा: ₹12,027 प्रति क्विंटल

  • गोल खोपरा: ₹12,500 प्रति क्विंटल

इस खरीद के लिए NAFED और NCCF को नोडल एजेंसी बनाया गया है।

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Author: News Rastra

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